खबरें : 1- सीट स्कैन का रेट तय/ 2- साइबर ठग ने एक पैथालॉजी सेंटर को भी जाल में फंसाया
सीटी स्कैन का अधिक पैसा लिया तो कानूनी शिकंजे में फँसेंगे पैथालॉजी सेंटर
कमिश्नर से मांग कि रेट-बोर्ड लगाने का दें आदेश
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जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन भी करें निगरानी
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मिर्जापुर। महामारी के दौरान पैथालॉजी सेंटरों द्वारा मरीजों की बेबसी का फायदा उठाकर मनमाना पैसा लेने पर सरकार की भृकुटि टेढ़ी हुई है। एक कड़े शासनादेश के तहत अपर मुख्य सचिव श्री अमित मोहन प्रसाद ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार की इस व्यवस्था का उल्लंघन करने पर *एपिडेमिक डिजीज ऐक्ट 1897 एवं महामारी अधनियम 2020* के तहत कार्रवाई की जाएगी।
शासनादेश संख्या 1048/पांच-5-20-21 दिनांक 20 मई के माध्यम से पूरे प्रदेश में एचआर सीटी स्कैन की फीस न्यूनतम 2000/- और अधिकतम 2500/- निर्धारित की गई है।
उक्त निर्धारण में मशीन की क्षमता के अनुसार फीस ली जाएगी। मसलन 16 स्लाइस तक की मशीन से यदि सीटी स्कैन कराया गया तो 2000/- 16 से 64 स्लाइस तक 2250/- और उससे अधिक की क्षमता के मशीन से 2500/- राशि ली जाएगी।
स्लाइस की स्थिति
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कम स्लाइस की मशीन से रेज ज्यादा निकलता है। जबकि अधिक क्षमता की मशीन से कम । मिर्जापुर में सभी पैथालाजी सेंटर में न्यूनतम क्षमता की मशीन है। अतः यहां 2000/- से अधिक मूल्य नहीं लिया जा सकता। सरकार ने इस फीस में PPE किट तथा सेनिटाइजेशन आदि अन्य शुल्क भी शामिल किया है।
महामारी में बहती गंगा में हाथ धोने वाले सेंटर अब पाइपलाइन में ही हाथ धो सकेंगे
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कोरोना की पहली लहर में अधिकांश सेंटर विजय-ध्वज की तरह लहराने लगे थे और पहले 2500/- लेते थे, जबकि बिना विलंब किए 3500/- लेने लगे थे। दूसरी लहर में फिर इन सेंटरों की हालत शेयर मार्केट की तरह उछली और 4500/- न्यूनतम से मरीज का जेब देखकर लेने लगे थे। इसमें कतिपय डॉक्टर भी मौसेरे भाई की भूमिका में हो गए। लिहाजा जितना लूट सको, उतना लूट का निरन्तर जप करने लगे।
कमिश्नर से मांग
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लोगों ने कमिश्नर श्री योगेश्वर राम मिश्र से मांग की है कि पूरे मण्डल में हर पैथालॉजी सेंटरों में स्थापित मशीनों की क्षमता तथा उसका रेट सेंटर के बाहर बड़े फ्लैक्स बोर्ड पर वे अंकित कराएं ताकि मरीज अंदर जाने के पहले रेट जान सके। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों, हर दल के पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों को भी चाहिए कि यदि वे वास्तव में पीड़ित के मददगार हैं, तो शासन के इस आदेश का क्रियान्वयन हो रहा है या नहीं, इसको देखते रहे। वरना स्वतः स्पष्ट कर दें कि वे सिर्फ अतिथि, मुख्य अतिथि, क्लबों के नृत्य-संगीत, डिनर पार्टी, बाटी-चोखा में ही अभिरुचि रखते हैं।
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साइबर ठगी के कुछ मामले नहीं पहुंचे थाने
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मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल के सामने नेशनल पैथालॉजी सेंटर संचालक को ठगी के जाल में फंसाने वाले साइबर ठगों का मामला तो साइबर थाने तक गुरुवार, 20/5 को ही पहुंच गया था लेकिन शुक्लहा के पास ठगी के शिकार पैथालॉजी सेंटर का मामला दबा ही रह गया। यहां 60 हजार रूपए ऐंठा गया था जबकि रामबाग में एक डॉक्टर जालसाजों की नीयत का डायग्नोसिस करने में सफल रहे कि मामला टेस्ट का नहीं बल्कि ठगी का है।
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