Friday, August 29, 2025

करना है। जल, वायु, धरती, जीव जंतु, व वृक्ष सभी हैं, जीवन की मान, प्राण वायु देकर हमें, वृक्ष बचाए जान, हरी भरी हो अपनी वसुंधरा, काशी प्रांत की देन है

पूरे विश्व में आम लोगों को जागरूक बनाने के लिए, पर्यावरण मुद्दों को सुलझाने के लिए, मानव जीवन में स्वास्थ्य एवं हरित पर्यावरण के महत्व के बारे में वैश्विक जागरूकता पैदा करने के लिए 5 जून को वार्षिक कार्यक्रम के रूप में विश्व पर्यावरण दिवस मनाने के लिए आनंद पार्क, दुर्गाकुंड में भारत विकास परिषद काशी प्रांत व शिवा शाखा के पर्यावरण प्रकल्प टीम व सदस्यगण एकत्रित हुए। वर्ष 2021का थीम पारिस्थितिकी तंत्र बहाली है, जिसे हम कई तरीके से कर सकते हैं। वृक्षारोपण करके, शहरों को हरा भरा करना, बागों – पार्कों को हरियाली के साथ खूबसूरत फूल वाले वृक्षों से आच्छादित करना है।
जल, वायु, धरती, जीव जंतु, व वृक्ष सभी हैं, जीवन की मान,
प्राण वायु देकर हमें, वृक्ष बचाए जान,
हरी भरी हो अपनी वसुंधरा, काशी प्रांत की देन है, पर्यावरण प्रकल्प।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि काशी प्रांत के अध्यक्ष श्री मुकुल शाह जी के कर कमलों से पर्यावरणीय एवं पौराणिक वृक्ष मौलश्री का पौध रोपण होकर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पूर्व महिला संयोजिका व पर्यावरणविद प्रो. बी.एच.यू. कविता शाह द्वारा विश्व के सर्वाधिक खूबसूरत फूल वाले वृक्ष पिंक ट्रंपेट ट्री पौध का रोपण किया गया।इसी क्रम में शिवा शाखा की अध्यक्षा अर्चना अग्रवाल द्वारा अफ्रीकन ट्यूलिप ट्री पौध का रोपण किया गया। पर्यावरण प्रकल्प प्रमुख काशी प्रांत मदन राम चौरसिया रिटा. क्षेत्रीय वन अधिकारी सारनाथ ने भी पिंक ट्रंपेट ट्री पौध का रोपण किया। वृहत वृक्षारोपण का कार्यक्रम वर्षाकाल में जुलाई माह से वन महोत्सव के रूप में प्रारंभ किया जाएगा।
इस अवसर पर स्थानीय लोगों में कोरोना लहर से बचने के लिए इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत करने वाला गिलोय पौधों का वितरण अध्यक्षा अर्चना अग्रवाल ने कराया।
शिवा शाखा के पर्यावरण प्रकल्प प्रमुख नीलिमा चौरसिया ने भी येलो बेल टेकोमा का पौधरोपण करके इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में रोपित पौधों की देखभाल हेतु पार्क में आने वाले स्थानीय लोगों से अनुरोध किया।

*मदन राम चौरसिया ने बताया कि दुनियां के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की एक बड़ी संख्या भारत में ही है, जहां ए.क्यू.आई. 150-200 pm. प्रदूषण खराब स्तर का न हो। वाराणसी शहर का भी कमोवेश वही हाल है। वायु मानकों के अनुसार ए.क्यू.ई. 80 pm से कम होना चाहिए। वाराणसी शहर का वर्तमान ए.क्यू.आई. 123 pm. है , जो मॉडरेट स्तर पर तो है, किंतु दमा मरीजों , फेफड़ा व हृदय के लिए सेंसिटिव है। इसी प्रकार PM 10 का स्तर 123 है ,जबकि नार्मल 70 होना चाहिए, और PM 2.5 का स्तर 94 है जबकि नार्मल 70 होना चाहिए। वृक्ष विहीन वाराणसी शहर के वायु प्रदूषण को अवशोषित करने में वृक्षों की प्रकृति प्रदत्त क्षमता को दृष्टिगत सभी मार्गों, पार्कों, तालाब के किनारे, व बड़े भवनों के आस पास वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। भारत विकास परिषद, अन्य एन जी ओ, सरकारी संस्थाएं, व नगर निगम का सम्मिलित प्रयास से सफलता प्राप्त हो सकती है।*

इस अवसर पर मुकुल शाह जी अध्यक्ष काशी प्रांत ने स्वच्छ पर्यावरण के लिए वृक्षारोपण, कार वाहनों का कम इस्तेमाल करने, प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने, वॉटर हार्वेस्टिंग का प्रयोग करके भूजल रिचार्ज करने, प्रत्येक नागरिकों को घरों के आस पास पौध रोपण के लिए प्रोत्साहित करने हेतु लोगों को जागरूक किए। भारत विकास परिषद द्वारा कई पार्कों व मार्गों पर वर्षा काल में वृक्षारोपण किए जाने का इन्होंने संकल्प किया है।
इस अवसर पर काशी प्रांत के संरक्षक एस एन खेमका जी, अमरचंद अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, शारदा धन्नानी, मीरा भार्गव ,तारा शर्मा, सुप्रिया श्याम, कृष्ण कुमार काबरा जी, डा. इंद्रनील बसु, राजीव अग्रवाल, पत्रकार , स्थानीय लोग,व संस्था के सदस्य गण उपस्थित रहे।

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