Friday, August 21, 2026
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महामूर्ख हंसो हंसाओ रेला में सूप की कैंडल जलाकर आरती महामूर्ख वंदना करके गदही दूल्हा एवं उल्लू दुल्हन सहित सैकड़ों महा मूर्खों का किया गया सम्मान

महामूर्ख हंसो हंसाओ रेला में सूप की कैंडल जलाकर आरती महामूर्ख वंदना करके गदही दूल्हा एवं उल्लू दुल्हन सहित सैकड़ों महा मूर्खों का किया गया सम्मान

चंदौली जिला अंतर्गत डीडीयू. नगर के नगरपालिका के निकट स्वास्थ्य वर्धक महामूर्ख हंसो -हंसाओ रेला का आयोजन अस्मिता नाट्य संस्थान के संस्थापक/ महासचिव एवं नाट्य रंगकर्मी विजय कुमार गुप्ता एवं प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा के प्रदेश संयोजक कवि इंद्रजीत तिवारी निर्भीक के प्रमुख संयोजन/संचालन में, रतनलाल श्रीवास्तव, श्रीप्रकाश कुमार श्रीवास्तव गणेश के प्रमुख संरक्षण में मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण के उपरांत प्रारम्भ हुआ।

प्रख्यात समाजसेवी सदानंद दूबे एवं क्षेत्रीय विधायक रमेश जायसवाल प्रमुख अतिथि के गरिमामयी में कवि विजय मिश्र बुद्धिहीन, दिनेश शर्मा एवं कवि सुखमंगल सिंह मंगल विशिष्ट अतिथि के गरिमामयी उपस्थिति में डा.अजीत श्रीवास्तव चपाचप बनारसी के अध्यक्षता में गदही दुल्हा- मीरजापुर की कवयित्री पूनम श्रीवास्तव एवं उल्लू दुल्हन -जौनपुर की कवयित्री सुमति श्रीवास्तव के बीच प्रेम लीला के बीच समलैंगिक वैवाहिक आयोजन परवान चढ़ा।सूप में कैंडल जलाकर आरती, उल्लू दुल्हन को झाड़ू की माला और गदही दुल्हा को मूसर और पटरी, कुरकुरे का माला पहनाकर स्वागत किया गया। अनेकों विशिष्ट लोगों ने समलैंगिक वैवाहिक आयोजन के दौरान झाड़ू,मूसल, पटरी से संस्कार विहिन दुस्साहस करने पर

गम्भीर परिणाम भुगतने का ऐहसास करवाया। गदही दुल्हा भड़क गयी। उल्लू दुल्हन सटक गयी। आयोजन अध्यक्ष डॉ.चपाचप बनारसी ने -ओम जय महामूर्ख देवा, कवि इंद्रजीत तिवारी निर्भीक ने -गदही संवाद – पूर्व जन्म में मैं मानव थी अब गधे ही कुल में आई हूं, जबसे गदही कुल में आई हूं बहुत आत्म सुख पाई हूं, लोग दूध मलाई खाकर, खादी का कपड़ा पहन कर के भी गांधी जी का अपमान करते हैं, हम लोग तो घास भूसा खाकर, लादी ढोकर भी अपने कुल का सम्मान करते हैं। उल्लू दुल्हन संवाद – उल्लू नहीं करता कभी उल्लूपने की बात, उल्लू अपने की बात करता आदमी की जात, इसलिए उल्लू दिन में नहीं देखता, देखता है सिर्फ रात सुनाकर लोटपोट कर दिया।

मानव समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मंचीय एवं आनलाईन 108 लोगों को स्वास्थ्य वर्धक महामूर्ख हसो-हसाओ रेला सम्मान भेंट किया गया।

हास्य कवि सम्मेलन इंद्रजीत तिवारी निर्भीक के संचालन में प्रारम्भ हुआ। जिसमें चपाचप बनारसी, सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध, संतोष कुमार प्रीत, सुरेश अकेला, ओमप्रकाश पाण्डेय निर्भय,पूनम श्रीवास्तव, सुख मंगल सिंह मंगल, विजय मिश्र बुद्धिहीन, डॉ.सुबाष चंद्र, झरना मुखर्जी, सुमति श्रीवास्तव, रीना तिवारी, अमित शर्मा, राकेश चंद्र पाठक महाकाल सहित अनेकों रचनाकारों ने श्रोताओं को लोटपोट कर दिया।

लोकगीत -विरहा मुकाबला जसवंत यादव -डीडीयू.नगर चंदौली और निशा यादव रावटसगंज, सोनभद्र के बीच जबर्दस्त मुकाबला का आनंद श्रोताओं ने उठाया। दोनों कलाकारों ने गायकी के दौरान हास्य व्यंग से भी सराबोर कर दिया।

आगंतुक अतिथियों का स्वागत संयोजन डाक्टर सुभाष चंद्र, पवन कुमार सिंह एडवोकेट, राकेश अग्रवाल, पप्पू जायसवाल, अमन कुमार, विपिन अग्रहरी एवं संजय गुप्ता ने किया।

स्वागताध्यक्ष द्वय अस्मिता नाट्य संस्थान के अध्यक्ष डॉ राजकुमार गुप्ता एवं भारतीय मानवाधिकार सुरक्षा ब्यूरो के राष्ट्रीय महासचिव भगवती प्रसाद ने आगंतुक अतिथियों कवियों कलाकारों का स्वागत किया।

धन्यवाद आभार प्रमुख संयोजक नाट्य रंगकर्मी विजय कुमार गुप्ता एवं इंद्रजीत निर्भीक ने किया।

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