उत्तर प्रदेश की राजनीति में गमछे की भूमिका अहम रही है, कहा जाता है कि दिल्ली की कुर्सी का रास्ता उत्तर प्रदेश की राजनीति से होकर जाता है, उत्तर प्रदेश में राजनीतिक पार्टियों में गमछे का बहुत बड़ा योगदान होता है उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी केसरिया रंग के गमछ का इस्तेमाल करती है और समाजवादी पार्टी लाल गमछे का तो बहुजन समाज पार्टी नीले गमछे का प्रयोग करते हैं कांग्रेस की बात की जाए तो कांग्रेस में गमछे में हाथ का पंजा और हरे और केसरिया रंग का होता है अभी हाल ही में चर्चा में आई पार्टी सुहेलदेव समाज पार्टी जिस के संस्थापक ओमप्रकाश राजभर हैं उनकी पार्टी भी पीले गमछे का बखूबी उपयोग करती है चुनावी जब सर गर्मी बढ़ती है तो उत्तर प्रदेश में गमछे का भी गर्म बाजार हो जाता है गमछा देखकर ही लोग समझ जाते हैं कि सामने वाला किस पार्टी से तालुकात रखता है दूसरी बार सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी ने भी चुनाव में गमछे का प्रयोग बहुत ही ताबड़तोड़ रूप से किया था उत्तर प्रदेश की राजनीति में गमछा ही डिसाइड करता है की सरकार किसकी बनेगी जिनके ज्यादा गमछे दिखते हैं उनकी सरकार बनती है, ऐसा सूत्र कहते हैं, चाहे किसी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष हो या अन्य पदाधिकारियों गमछे से कोई अछूता नहीं रहता है, एक तरह से माना जाए तो उत्तर प्रदेश की राजनीति गमछा ही तय करता है.