वाराणसी प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र होने के नाते यहां पर जितनी भी गतिविधियां होती हैं वह कहीं ना कहीं देश विदेश तक लोग जानते हैं लेकिन इतने सख्त कानून होने के बाद डबल इंजन के सरकार में डीएक्सएम गैंग वाराणसी में किस तरीके से सक्रिय हुआ है जो कि अब किसी से नहीं छुपा है, लेकिन क्या आप जानते हैं की आप जिन बच्चों के लिए अपने दिन रात की कमाई मेहनत उनके पढ़ाई-लिखाई किताब कॉपी में लगा देते हैं वह बच्चे किशोरावस्था में हो किसी गैंग में शामिल हो जाते हैं और उनके आबोहवास को देखकर उनकी दुनिया में ही खो जाते हैं उनको इस बात की बिल्कुल खबर नहीं रहती है कि उनके मां-बाप किस तरीके से उनकी शिक्षा दी शक कर रहे हैं और उन्हें पढ़ा लिखा रहे हैं और उनका भविष्य क्या है किशोरावस्था में लोगों को लगता है कि हम किस तरीके से लोगों के नजर में बहुत बड़े बने और अपने आप को लोगों के नजरों में आइडियल साबित करें लेकिन उनको इतना नहीं पता होता है कि आइडियल बनने के लिए किस तरीके से मेहनत करना चाहिए और किस तरीके से पढ़ाई लिखाई कर कर किसी पद पर इंसान जाता है आज प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के युवाओं की जिस तरीके से स्थिति हुई है यह किसी से नहीं चुकी है लेकिन क्या किशोरावस्था के बच्चों का भविष्य कीजिए गैंग वाले तय करेंगे या इनसे सिर्फ वसूली और वर्चस्व की लड़ाई लड़ने के लिए रोज खड़क आते रहेंगे अब इन किशोरावस्था के लोगों को खुद सोचना चाहिए और इनके मां बाप को भी सोच कर ऐसे नरकिस्तान से अपने बच्चो को निकालना चाहिए,
बनारस पुलिस के लिए किरकिरी बना डीएक्सएम गैंग
लगभग 5 बर्ष पूर्व कुछ लड़कों ने वॉट्सऐप और फेसबुक पेज बना कर उसका नाम दिया DXM GANG, सोशल मीडिया पर ये लड़के अपनी बड़ी सँख्या में तरह तरह की फोटो डाल कर अपनी ताकत दिखाने लगें, नतीजा यह हुआ कि कम उम्र के और भी लड़के उनसे जुड़ने लगें
DXM गैंग ने अपना पहला शिकार बनाया कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ रहे बड़े घरों के बच्चों की उन्हें सदस्यता और संरक्षण देने के नाम पर एक फीस ली जाने लगी मोटरसाइकलों पर DXM लिखना इन लड़को को अलग पहचान देने लगा,
बढ़ती संख्या एवँ एक वाट्स एप मैसेज से सैकड़ो युवाओं को कही भी एकत्रित करने की छमता को देख कर छात्रसंघ से लगायत लोकल नेताओ में भी इनकी पैठ बढ़ती गई
DXM GANG का हिस्सा ना बनने या मांगे पूरी ना करने पर कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों को टारगेट करना ईनका जैसे पेशा हो गया सूत्रों की माने तो 500 से 1000 रुपया मासिक शुल्क सदस्यों से लिया जाने लगा जिसके एवज में उन बच्चों को सरंक्षण और अपने स्कूल कॉलेजों में भौकाल मिलता रहा
पैसा और ताकत बढ़ी तो भूख भी बढ़ गई अब हथियार खरीदे जाने लगे भूमाफियाओ के लिये भी काम करने लगे
सूचनाओं और शिकायतें भी बढ़ती गई मुकदमे लिखे गए छोटी मोटे सदस्यो की गिरफ्तारी भी हुई लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नही हुई
मनबढ़ Dxm gang के गुर्गों ने 2 दिन पूर्व पुलिस लाइन के समीप फायरिंग कर अपनी मौजूदगी फिर से बता ही दी
वैसे DXM का प्रभाव तो बनारस के लगभग हर छेत्र में है लेकिन थाना कैन्ट ,थाना लालपुर ,थाना शिवपुर ,थाना सारनाथ एवँ जैतपुरा में इस गैंग के सदस्यों ने अपनी पकड़ बना ही ली है