जैविक खेत अपनाने पर दिया जोर
वाराणसी : आराजी लाइन ब्लाक अंतर्गत टड़िया गाँव मे रविवार को किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस किसान गोष्ठी का आयोजन का उद्देश्य लोगों को जैविक खेती करने के लिए प्रेरित करना और जो इस समय परिस्थितियों बनी हुई है डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया जैसे बहुत सारी बीमारियों से आज हॉस्पिटल में भीड़ लगी हुई है और बेड नहीं मिल रही है लोगों में एकदम भयका माहौल बन गया है, इसका मुख्य कारण यह है कि लोग ज्यादा सोडा खाद वाले अनाज को खा रहे हैं और उसी के कारण उनको इतनी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है पत्रकार वार्ता में ऋषि पुत्र श्री प्रकाश सिंह रघुवंशी ने बताया कि हमारे यहां हर प्रकार के अनाज जो जैविक तरीके से पैदा किए जाते हैं उपलब्ध हैं और इसे लोगों को काफी ऊर्जा मिलती है और शक्ति भी मिलती है क्योंकि यह पूरी तरीके से जैविक खेती द्वारा उपजाऊ अनाज रहते हैं इसको खाने से लोग बीमारी रहित रहते हैं और स्वस्थ रहते हैं श्री प्रकाश सिंह रघुवंशी जी ने यह भी बताया कि भारत सरकार इस समय जो बीज धरती पर से खत्म हो रहे हैं उसके लिए सरकार एक मुहिम चला कर रखी है जिसका की दिल्ली में एक मीटिंग रखा गया था जिसमें प्रकाश सिंह रघुवंशी जी को बुलाया गया था और वहां पर उनको सम्मानित भी किया गया प्रकाश सिंह रघुवंशी जी लगातार किसानों के हित में काम करते हैं और उन्नत किस्म के बीच का आविष्कार करते हैं जिससे कि किसानों को ज्यादा से ज्यादा होती हो और किस ज्यादा से ज्यादा पैसा कमा सकें
किसान श्रीप्रकाश सिंह रघुवंशी ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए किसानोपयोगी योजनाओं की चर्चा की और जैविक कृषि तकनीकों के अपनाने की सलाह दी। किसान धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं, वे खेती में अब जैविक खाद का प्रयोग करने लगे हैं। केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाओं को लाकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है इसी के तहत किसानों को नई फसलों और तकनीक की जानकारी देने के लिए इस तरह के संगोष्ठी का आयोजन किया गया l
कार्यक्रम के दौरान आसपास के ग्रामीण किसानों ने भाग लिया।