आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी ने किया वेबिनार का आयोजन
रोहनिया-आजादी के अमृत महोत्सव के अर्न्तगत, भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाठ को समर्पित 75 सप्ताह के कार्यक्रम के उपलक्ष्य में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी ने राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया। इस अवसर पर बाइफ (BAIF) डेवलमेट रिसर्च फाउन्डेशन के पूर्व अध्यक्ष डा. नारायन जी. हेगड़े ने ”लघु किसानों की स्थाई आजीविका हेतु मिश्रित कृषि” पर व्याख्यान दिये। अपने व्याख्यान में डा. हेगड़े ने छोटे किसानों के लिए पशुपालन आधारित सब्जी एवं फलों की खेती करने के माडल के बारे में बताया। इस माडल को अपनाकर छोटी जोत वाले किसान अपने परिवार की आजीविका को अच्छी तरह से चला सकते हैं। इसके अलावा डा. हेगड़े ने कम पानी के उपयोग से पशुपालन के साथ अच्छी तरह से फसलों को उत्पादित करने के माडल को भी बताया।इसके पूर्व संस्थान के निदेशक प्रो. तुषार कान्ति बेहरा ने मुख्य अतिथि के साथ वेबिनार में जुड़े सभी सम्मानित लोगों का स्वागत किया एवं संस्थान की उपलब्धियों के बारे में संक्षेप में बताया। प्रो. बेहरा ने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ जुडकर पशुपालन एवं सब्जी उत्पादन के माडल को अपनाकर किसानों की आय को दुगुना किया जा सकता है।इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, किसानों, स्वयं सेवी संस्थाओं से लगभग 200 लोगों ने प्रतिभाग किया।
इस कार्यक्रम का समन्वयन डा. सुधाकर पाण्डेय, प्रधान वैज्ञानिक, फसल सुधार ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. नीरज सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, सब्जी उत्पादन ने किया।