Friday, August 29, 2025

साहित्य में दिव्यांग विमर्श की प्रारम्भ करने की आवश्यकता….

साहित्य में दिव्यांग विमर्श की प्रारम्भ करने की आवश्यकता….

दिव्यांग बंधु डॉक्टर उत्तम ओझा .

दिव्यांग साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु आज वाराणसी के चितईपुर स्थित नारायणी विहार कॉलोनी में दिव्यांग पुस्तकालय की स्थापना दिव्य समाज द्वारा दिव्य समाज के कार्यालय में की गई महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित समारोह में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सिलचर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर ज्ञान प्रकाश पांडे ने कहा कि जिस समाज का साहित्य जितना संबृद्ध होता है वह समाज उतना ही सशक्त होता है अगर किसी समाज को हमें सशक्त करना है तो उसके साहित्य को समृद्ध करने की आवश्यकता है आज भारत में स्त्री विमर्श दलित विमर्श जैसे अनेक विषय सामने आए लेकिन दिव्यांग विमर्श के लिए कार्य करने की आवश्यकता है इस पुस्तकालय के माध्यम से दिव्यांग बंधु डॉक्टर उत्तम ओझा ने दिव्यांग विमर्श की शुरुआत करके दिव्यांग समाज को मजबूत बनाने की दिशा में एक सार्थक कार्य किया है हम सब इसका समर्थन करते हैं , दिव्यांग पुस्तकालय के संस्थापक दिव्यांग बंधु डॉ उत्तम ओझा ने इसकी स्थापना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पुस्तकालय एक संदर्भ पुस्तकालय है जिसमें शोध कार्य करने वाले छात्र जो कि दिव्यांग जनों के विविध विषयों पर शोध करते हैं उनके लिए यहां पुस्तकें उपलब्ध रहेगी जो देशभर में पुस्तक यहां वहा पड़ी है उनका एक स्थान पर संग्रह करके इसे एक विशाल स्वरूप दिया जाएगा, तथा इसे आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा

उन्होंने आगे कहा कि आज इंटरनेट के इस युग में भी पुस्तकों की प्रासंगिकता समाप्त नहीं हुई है आज भी पढ़ने वाले भले कम हुए हैं लेकिन लिखने वाले और छापने वालों की संख्या कम नहीं हुई है, पहले की अपेक्षा आज पुस्तकें ज्यादा छप रही है

शुभारंभ समरोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात शिक्षाविद् आर ए जोसेफ ने जिन्होंने दिव्यंगता के क्षेत्र में 25 से अधिक हिंदी अंग्रेजी में पुस्तक लिखी है कहा कि दिव्यांग पुस्तकालय के माध्यम से ऐसे छात्र जो की शोध कर रहे हैं उन्हें बहुत बड़ी मदद मिलेगी क्योंकि आज भारत में यह पहली ऐसी लाइब्रेरी खुली है जो कि दिव्यांग साहित्य का संग्रह करेगी विशिष्ट अथिति

काशी हिंदू विश्वविद्यालय केंद्रीय पुस्तकालय के सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ प्रवीण सिंह ने कहा कि इस लाइब्रेरी को हम डिजिटल लाइब्रेरी बनाने का काम करेंगे ताकि दृष्टिहीन छात्रों को भी इसका लाभ मिल सके, इस लाइब्रेरी में उपलब्ध किताबों का हम शब्दों में रूपांतरण करने का कार्य करेंगे कार्यक्रम में भारत सरकार नशा मुक्ति पुनर्वास समिति के सदस्य सुमित सिंह जी, श्याम लाल पटेल जी नमिता सिंह जी भावेश सेठ जी विशाल केसरी जी सुधांशु सिंह प्रिंस जी, राम केश जी आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे

काली शंकर उपाध्याय की एक रिपोर्ट

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