वाराणसी (यूपी 18 संवाददाता)। जनपद में एंटी लार्वा छिड़काव और फोगिंग से मच्छरों के लार्चा की रोकथाम और घनत्व को कम किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल की पहल पर मच्छरों के – लार्वा की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए एक नई तकनीक इजात की गई है। बॉल के माध्यम से मच्छरों के लार्वा नियंत्रण तकनीक का प्रायौगिक अध्ययन सफल होने के बाद इसको नगर व ग्रामीण क्षेत्र के चिन्हित हॉट स्पॉट इलाकों में उपयोग किया जाएगा। इन ऑयल बॉल को पानी से भरे उन खाली प्लाटों और गड्डों में डाला जाएगा, जहां मच्छरों के लार्वा पनपने की बहुत अधिक संभावनाएं रहती हैं। इस पहल में स्वयं सहायता समूह
की महिलाओं का खास योगदान है। जिला मलेरिया अधिकारी शरत चंद पाण्डेय ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल की पहल व निर्देशन पर विगत माह 15 से 20 दिन का प्रायोगिक अध्ययन किया गया, जिसके सकारात्मक
परिणाम देखने को मिले हैं। यह अध्ययन सीर गोवर्धन क्षेत्र के काशीपुरम कॉलोनी के जल जमाव वाले खाली प्लाटों, नालियों और गड्डों में किया गया था, जोकि खाली प्लाटों और गड्डों में पूरी तरह से सफल रहा। यह ऑयल बॉल
पिंडरा ब्लॉक के पतिराजपुर गाँव की स्वयं सहायता समूह माँ लक्ष्मी महिला समूह अपने रोजगार सृजन को बढ़ाने के लिए तैयार कर रही है।
ऑयल बॉल विधि- लकड़ी के बुरादे को कपड़े की पोटली में बांधकर छोटे-छोटे बॉल बनाए गए तथा इन्हें निष्प्रयोज्य इंजन ऑयल में डुबोया जाता है इस बॉल को ठहरे हुए जल में डाला जाता है, जिससे ऑयल की परत धीरे-धीर पानी की सतह पर फैल जाती है, इस कारण मच्छरों के लार्वा को ऑक्सीजन की उचित मात्रा नहीं मिल पाती और लार्वा नष्ट हो जाता है ऑयल बॉल के लार्वा नाशक के रूप में प्रयोग के लिए काशीपुरम कॉलोनी के जल जमाव वाले स्थलों में प्रायोगिक अध्ययन किया गया।