चिरईगांव/वाराणसी।चौबेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत शंकरपुर में झोलाछाप डॉक्टर की दवा खाने से एक महिला की मौत हो गई वहीं एक युवक की हालत गंभीर है। बताया गया कि झोलाछाप डॉक्टर तांत्रिक का काम भी करता था।
शंकरपुर निवासी एक झोलाछाप डाक्टर कुछ वर्षों से शंकरपुर में मकान बनवा कर रह रहा है। वह ओझाई व झाड़-फूंक का काम करने के साथ ही झोलाछाप डॉक्टर का भी काम करता है। शंकरपुर गांव की ही दलित बस्ती की महिला सुनीता (40) एवं पड़ोसी सनोज आरोपी डाक्टर के घर झाडू-पोछा व घरेलू काम करते थे। शुक्रवार को भी दोनों झोलाछाप डॉक्टर के घर काम पर गए थे। जहां सुनीता ने डाक्टर से अपने कमर में दर्द की शिकायत की। इसपर डाक्टर ने उसे दो गोलियां खिलाई इसके बाद उसने सनोज को भी वही गोली यह कहकर खिलाई कि तुम काम कर के थक गए हो इसके खाने से फायदा होगा। वहां से आने के बाद रात में 11 बजे सुनीता को उल्टी होने लगी। परेशान परिजनों ने शनिवार को उसे स्थानीय किसी अन्य डॉक्टर को दिखाया लेकिन फायदा नहीं हुआ
और दोपहर बाद दो बजे उसकी मौत हो गई। वहीं
सनोज को भी उल्टी होने लगी हालत खराब देख उसके परिजन सीएचसी नरपतपुर ले गये वहां उसे भर्ती कर लिया गया है युवक का उपचार चल रहा है। ग्राम प्रधान मुन्ना यादव की सूचना पर थाना प्रभारी विद्याशंकर शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच कर आवश्यक जांच किया। मृतका सुनीता के पति ने पुलिस को
तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसके पत्नी की मौत झोलाछाप डॉक्टर की दवा से हुई है। पुलिस ने मृतक महिला के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी विद्याशंकर शुक्ला ने बताया कि तहरीर के आधार पर तथाकथित तांत्रिक व झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया ।





