मिलावटी खाद्य पदार्थों की आयी बाढ़, मिलावटी मिठाइयों का सेवन करने से स्वास्थ्य खराब होने का बढ़ जाता है खतरा
फूड विभाग बना रहता है अंजान, ऑफिस बैठे-बैठे की जाती है कार्रवाई की खानापूर्ति
सोनभद्र
रक्षाबंधन व अन्य त्यौहारो के नजदीक आते ही मिठाई सहित अन्य खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ जाती है। त्योहारों में आमतौर पर मिठाई नहीं खाने वाले लोग भी खरीदारी करते हैं। मांग की तुलना में आपूर्ति कम होने के कारण फायदा उठाने की उद्देश्य से मिठाई के दुकानदार फायदा उठाने से नहीं चूकते है। जिससे मिलावटी मिठाई का गोरख धंधा तेजी से फलना फूलना शुरू हो जाता है। वही जिले के क्षेत्र करमा बाजार, पगिया रोड, करकी माइनर, केकराही, हिंदूवारी, मधुपुर, सुकृत व राबर्ट्सगंज सहित जिले के हर बाजारों में भी इन दिनों मिलावटी मिठाई का कारोबार बहुत तेजी से फलता फूलता नजर आ रहा है,
जो स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदेह एवं घातक साबित हो रहा है। वैसे भी इस समय पूरे देश में स्वास्थ्य विभाग हड़ताल पर है, जिसके कारण लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलना संभव नहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बाजारों में मिठाई के दुकानदारों द्वारा हफ्तों पहले मिठाई बनाकर स्टाक की हुई मिठाइयां बिक रही हैं। जिसमें गर्मी की वजह से दुर्गंध भी आ जाता है। जिससे माहिर दुकानदार मिठाइयों पर सेंट छिड़कर दुर्गंध को सुगंध में परिवर्तित कर धड़ले से बिक्री कर रहे हैं। जो स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसान दिया साबित होता है।जानकारी के लिए बावजूद फूड विभाग अनजान बना हुआ है।
मिठाई के दुकानदारों से चंद लालचो की वजह से फूड विभाग इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता, जिससे अनजान नागरिक मिठाई खाकर नाना प्रकार के बीमारियों का सामना करने को मजबूर हो जाते हैं। वही फूड विभाग भी चंद पैसों की लालच में मिठाई कि दुकानदारों के प्रति दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाता है। जिससे नगर के मिठाई कारोबारियों के हौंसले बुलंद रहते हैं। गौरतलब है कि किसी भी त्यौहार के आते ही बाजार में संचालित मिठाइयों की दुकानों की रौनक बढ़ जाती है। दुकानों पर सिंथेटिक दूध, पाउड से बने खोवा ,पनीर व छेना से बनी हुई मिठाइयां धुआंधार बिकना शुरू हो जाती हैं। जिससे मिठाइयां बेच कर दुकानदार लाल हो जाते हैं।
Up18news report by Siraj Ahmed