बनारसी साड़ी कारीगरों के प्रोत्साहन के लिए लगाया गया दो दिवसीय हैंडलूम एग्जिबिशन
वाराणसी। सेव हैंडलूम बनारसी एसोसिएशन द्वारा आज दो दिवसीय एग्जीबिशन का आयोजन महमूरगंज स्थित एक होटल में लगाया गया जिसमें सेव हैंडलूम बनारसी एसोशिएशन की अध्यक्ष डॉक्टर समता पांडेय ने बताया कि तीज सेलिब्रेशन के तहत बनारसी साड़ी का एग्जीबिशन लगाया जाएगा जिसमें बनारस समेत पूर्वांचल के साड़ी विक्रेता भाग लिए हैं। इस एग्जीबिशन में बनारसी हैंडलूम की साड़ियां विभिन्न वैरायटी की शामिल हैं। एग्जीबिशन का मुख्य उद्देश्य बनारसी साड़ी और कारीगरों के कार्य को प्रोत्साहन देना है।
बनारसी साड़ी एक विशेष प्रकार की साड़ी है जिससे विवाह आदि शुभ अवसरों पर हिंदू स्त्रियों धारण करती हैं उत्तर प्रदेश के चंदौली, बनारस, जौनपुर, आजमगढ, मिर्जापुर और संत रविदास नगर जिले में बनारसी साड़ियां बनाई जाती हैं जिसमें मुख्य रूप से कांजीवरम तचोई बनारसी सिल्क इत्यादि ऐसी साड़ियां हैं जो बहुत ही खूबसूरत होती हैं डॉक्टर समता पांडे ने कहा कि दिन पर दिन हमारे बनारस में मॉडल कपड़ों की डिमांड देखने को मिल रही है जिससे हमारी भारतीय संस्कृति को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है इसी को देखते हुए हम लोग कई सालों से यह मुहिम चला रहे हैं हम यह स्टॉल के माध्यम से बनारस की माताओं बहनों से यह आग्रह करते हैं कि एक बार हमारे स्टॉल पर जरूर आए और अपने भारतीय परिधान को जरूर पहनें जिससे हमारा देश सशक्त बने।
सेव हैंडलूम बनारसी एसोशिएशन की अध्यक्ष डॉक्टर समता पांडे ने बताया कि, वाराणसी में हैंडलूम का पुनर्निर्माण शुरू हो इसके लिए मैं एनजीओ के माध्यम से प्रयासरत हूं। ताकि जो लोग पावरलूम में चले गए हैं वह हैंडलूम में वापस आ सके। प्योर हैंडलूम को लोग जानें इसके लिए इस एग्जीबिशन को लगाया गया है।
तो वहीं बीजेपी की क्षेत्रीय मंत्री महिला मोर्चा पूजा दीक्षित ने बताया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है वोकल फॉर लोकल प्रोडक्ट्स। 2017 में उन्होंने पढ़ लिया था कि जितने भी आम कारीगर हैं और लोकल प्रोडक्ट्स हैं उनके लिए हम लोग काम करेंगे तो उसी के तहत आज समता पांडेय जी इस मुहिम को आगे बढ़ा रही हैं और एग्जीबिशन के माध्यम से हैंडलूम और बनारसी साड़ियों को प्रमोट कर रही हैं।