चिरईगांव/वाराणसी। गंगा नदी में लगातार बढ़ रहे पानी से चिरईगांव के ढाब क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी है। बाढ़ का पानी अब गंगा नदी व सोता से निकलकर खेतों की ओर बढ़ने लगा है। गंगा नदी व सोता के किनारे नालों के रास्ते से बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंच गया है, जिससे किसानों की कई एकड़ चारे की फसलें जलमग्न होने की कगार पर है। किसानों को अब खेतों में खड़ी फसलों की चिंता सताने लगी है। हरे चारे की फसलें जलमग्न होने से पशुपालकों के समक्ष पशुओं के लिए चारे की समस्या उत्पन्न होगी। बाढ़ प्रभावित लोगों ने शिविरों में ली शरण- सोमवार की शाम तक छितौना गांव में रमेश यादव, रामा, सुबेदार, अंकुर, नथुनी सहित एक दर्जन रिहायशी घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। इसके साथ ही गंगा किनारे के समीप स्थित गुरू बन्दे
आश्रम में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। जानकारी होने पर बीडीओ चिरईगांव व राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गोबरहां। मोकलपुर गांव में मिट्टी के कटान क्षेत्र के
करीब रहने वाले श्यामबिहारी, बनारसी, लाल बिहारी और संजय राम के परिवार के लोगों को कम्पोजिट विद्यालय गोबरहा के बाढ़ राहत शिविर में ठहराया। इसी प्रकार
रामपुर प्राथमिक विद्यालय पर पहले से ही कुल 8 परिवारों के चार दर्जन सदस्यों ने शरण ले रखी है। सभी लोगों को वहीं पर बाढ़ राहत सामाग्री उपलब्ध करायी जा रही है।
पशुपालन विभाग की टीम बाढ़ राहत केन्द्रों पर शिविर लगाकर पशुपालकों को पशुओं की दवाएं वितरित किया वहीं स्वास्थ्य कर्मचारी भी मौके पर उपस्थित रहे।