Friday, August 29, 2025

जलियावाला बाग से कम नहीं है शहीद उद्यान का महत्त्व

जलियावाला बाग से कम नहीं है शहीद उद्यान का महत्त्व

– इस मिट्टी का माथे पर तिलक सौभाग्य की बात : भूपेश चौबे

सोनभद्र। नंगे पांव शहीद उद्यान पहुंचे राबर्ट्सगंज के विधायक भूपेश चौबे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा, अवसर था आजादी के अमृत महोत्सव का । राबर्ट्सगंज – घोरावल मुख्य मार्ग पर परासी गांव में स्थित शहीद उद्यान के विषय में अपने उदबोधन में उन्होंने कहा कि यदि पंजाब जलियांवाला बाग पर गर्व कर सकता है तो उत्तर प्रदेश भी इस स्थली पर गर्व कर सकता है।
नंगे पांव शहीद उद्यान पहुंचे सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा यह कोई साधारण बगीचा नहीं स्वतंत्रता आंदोलन का तीर्थस्थल है। इसका महत्व उनके लिए किसी मंदिर से कम नहीं है। विधायक ने बगीचे की मिट्टी को माथे पर भी लगाया । वे बोले कि जो मिट्टी सेनानियों के रक्त से पवित्र हुई है, त्याग और बलिदान की खुश्बू इसकी मिट्टी में है, ऐसे में इसका तिलक लगाना सौभाग्य की बात है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1932 में स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक पंडित महादेव चौबे के नेतृत्व में जब युवकों ने तिरंगा लहराने की घोषणा की तो अंग्रेज सिपाहियों ने उनके ऊपर घोड़े दौड़ा दिए थे । 1941 का व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन और 1942 की महाक्रांति का गवाह यह बगीचा आज भी हमें देश प्रेम और देश के लिए त्याग का संदेश दे रहा है। ऐसे में स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के साथ ही इस भूमि को भी शत शत नमन है।

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