चिरईगांव/वाराणसी। स्थानीय विकास खण्ड में लगाये गए सीसीटीवी कैमरे इन दिनों सिर्फ शो-पीस बनकर रह गये हैं। जनपद के उच्चाधिकारियों के आदेश पर सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगवाये गये है,
लेकिन सरकारी खजाने से लगवाने के बावजूद कैमरे चल नही रहे हैं। खराब सीसीटीवी कैमरों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ऐसे में यदि कोई बड़ी घटना घटित हो जाय तो घटना के साक्ष्य खोजने से भी नहीं मिलेंगे।
बताते चलें कि विगत कुछ महीने पूर्व चिरईगांव विकास खण्ड में एक घटना घटी थी। जिसमें एक टेंट व्यवसायी का भुगतान न होने के कारण व्यवसायी विकास खण्ड कार्यालय में घुस कर कुछ रजिस्टरों को पेट्रोल छिड़क कर आग के हवाले कर दिया था। उक्त प्रकरण में तत्कालीन खण्ड विकास अधिकारी राजेश बहादुर सिंह ने टेंट व्यवसायी के साथ-साथ विकास खण्ड के दो कर्मचारियों पर भी एफआईआर दर्ज करवाया था, लेकिन इस घटना का कोई भी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं था। जिससे साक्ष्य के अभाव में कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या विकास खण्ड के खण्ड विकास अधिकारी किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहें है या फिर वजह कुछ और ही है। इस सम्बंध में जानने की कोशिश की गयी तो बीडीओ ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे लगे तो हैं, लेकिन बंदरों के द्वारा कैमरे का तार काट दिए जाने की वजह से सभी कैमरे बंद है।