चिरईगांव/वाराणसी ।मनरेगा योजना के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्यों के लिए पर्याप्त बजट होने के बावजूद विकास कार्यों की रफ्तार काफी धीमी है। मनरेगा के तहत करायें जाने वाले कार्यों के धीमी रफ्तार के कारण पंजीकृत मजदूरों को भी समय पर कार्य नहीं मिल पा रहा है।
आलम यह है कि चिरईगांव विकास खण्ड में मनरेगा के तहत 14 हजार से अधिक मनरेगा मजदूर पंजीकृत है, लेकिन फिलहाल महज 613 मजदूरों को ही कार्य पर लगाया जा सका है। सोमवार को ब्लाक सभागार में आयोजित पंचायत सचिवों व मनरेगा कर्मियों की समीक्षा बैठक में मनरेगा कार्यों की धीमी रफ्तार पर
बीडीओ वीरेन्द्र द्विवेदी ने ग्राम पंचायत सचिवों को जमकर फटकार लगायी। बीडीओ ने कहा कि शासन के निर्देश के अनुसार कच्चे कार्य के सापेक्ष ही गांवों में पक्के कार्यों के लिए बजट आवंटित किया जायेगा।
मनरेगा कार्यों की समीक्षा के लिए सोमवार को दोपहर में ब्लाक सभागार मे ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवकों संग मनरेगा पटल से जुड़े सभी कर्मचारियों की बैठक हुई। जिसमें मनरेगा के
कार्य, पंजीकृत श्रमिकों के सापेक्ष काम चाहने वाले सक्रिय श्रमिकों की संख्या आदि के बाबत ग्राम पंचायत सचिवों से जानकारी ली गई तो पता परि चला कि ब्लाक में कुल 14000 से भी अधिक द्वार श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है, लेकिन वर्तमान होन समय में केवल 613 मजदूरों को ही काम दिया गये जा रहा है। जबकि कई गांवों में चकमार्गों व वस्त्र रास्तों पर मिट्टी डालने की आवश्यकता है। डिज बीडीओ ने ग्राम प्रधानों से गांवों के प्रमुख रास्तों, उत्त नालों व सीवर का निर्माण व सफाई, तालाबों व दिव सोक पीट की खुदाई जैसे अन्य कार्यों का चयन जैसे कर मिट्टी का कार्य कराकर अधिक से अधिक साम जरूरत मन्द श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध बनी कराने का निर्देश दिया।