Saturday, April 18, 2026

तीन ग्राम पंचायतों के  ग्राम प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक  अधिकारों पर रोक लगा दिये जाने से  विकास कार्य ठप पड़े

वाराणसी। जनपद के चिरईगांव  विकास खण्ड के तीन ग्राम पंचायतों के  ग्राम प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक  अधिकारों पर रोक लगा दिये जाने से  विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। बताते चलें कि जिलाधिकारी के निर्देश पर  विकास कार्यों में की गयी अनियमितता में वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों से महरूम ग्राम प्रधानों के स्थान पर तीन  सदस्यीय संचालन समिति का गठन  भले ही कर दिया गया है लेकिन ब्लाक  स्तर पर बैंक खाते में अभी तक नाम परिवर्तन नहीं किया गया। ऐसे मे चिरईगांव विकास खण्ड की तीन ग्राम पंचायतों का विकास कार्य पूरी तरह से  ठप हो गया है। समितियों की सक्रियता  का आलम यह है कि जिन तीन ग्राम पंचायतों में जिलाधिकारी के आदेश पर तीन सदस्यीय संचालन समिति बनायी

गयी है उन समितियों में से एक एक सदस्य संचालन समिति से अपना नाम वापस लेना चाहते हैं ऐसे में संचालन समिति भला कैसे कार्य करेगी।

उल्लेखनीय है कि विकास कार्यों में अनियमितता के सम्बन्ध में ग्रामीणों की शिकायत पर चिरईगांव ब्लाक के ग्राम पंचायत उकथीं, अइली एवं तरयां के ग्राम प्रधानों का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर जिलाधिकारी ने रोक लगा दी है साथ ही अग्रिम व्यवस्था तक खाता संचालन हेतु तीन सदस्यीय समिति के गठन को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने उपरोक्त तीनों ग्राम पंचायतों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के साथ ग्राम पंचायत के निर्वाचित तीन सदस्यीय समिति का गठन कर बैंक खाते में नाम दर्ज कराने का निर्देश जारी किया था लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जिलाधिकारी के आदेश का अनुपालन नहीं होने से तीनों ग्राम पंचायतों में

विकास कार्य पूरी तरह से ठप है। संचालन समिति सक्रिय न होने एवं विकास कार्य प्रभावित होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

आखिर कौन बोल रहा झूठ : उक्त प्रकरण के सम्बंध में दो अधिकारियों के परस्पर विरोधी बयान सामने आये हैं। जहां एक ओर चिरईगांव विकास खण्ड के एडीओ पंचायत कमलेश कुमार सिंह का कहना था कि उपरोक्त तीनों ग्राम पंचायतों में संचालन समिति सक्रिय नहीं है। जिलाधिकारी की ओर से गठित संचालन समिति में तीनों गांवों के एक-एक सदस्य ने अपना नाम वापस लेने का अनुरोध किया है, जिसकी जानकारी डीपीआरओ को दे दी गयी है । वहीं दूसरी ओर डीपीआरओ का कहना था की उक्त प्रकरण के सम्बंध में एडीओ पंचायत की ओर से अभी तक मुझे कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। एडीओ पंचायत को चाहिए कि वे जिलाधिकारी के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करायें।

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