Friday, August 29, 2025

बीकापुर मामले मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी करेंगे विकास कार्यों की जांच

चीरईगांव/वाराणसी। जनपद के जिलाधिकारी एस. राजलिंगम के निर्देश पर चिरईगांव ब्लाक के ग्राम पंचायत बीकापुर के पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल के दौरान विकास कार्यों में कथित अनियमितता के शिकायत की जांच के लिए जनपद के मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी को नामित किया गया है। इस सम्बन्ध में डीपीआरओ ने मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी को पत्र प्रेषित कर एक पखवारे में जांच की कार्रवाई सम्पन्न कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अनुशंसा की है।

 

उल्लेखनीय है ग्राम पंचायत बीकापुर मे एक पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में कराये गये विकास कार्यों में अनियमितता कर सरकारी धन के गबन के सम्बन्ध में गांव के भाजपा नेता सहदेव तिवारी ने जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की था

जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच में प्राप्त साक्ष्य के आधार पर पूर्व ग्राम प्रधान नन्दलाल राम व तात्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी उमाकांत पाण्डेय को समान रूप से दोषी करार देते हुए दोनों पर कुल 783980 रुपए की धनराशि की गबन से सम्बन्धित रिपोर्ट प्रस्तुत किया था। इस सम्बन्ध में डीएम के निर्देश पर चौबेपुर थाने में न सिर्फ एफआईआर दर्ज करायी गयी, बल्कि रिकवरी के लिए नोटिस भी जारी की गयी थी। उक्त आदेश के विरुद्ध पीड़ित पक्ष की ओर से योजित रिट याचिका में उच्च न्यायालय ने मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी से जांच कराने का निर्देश देते हुए पूर्व की वसूली एवं एफआईआर का आदेश निरस्त कर दिया। डीपीआरओ आदर्श ने उच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद जिला मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी से एक पखवारे में जांच कार्रवाई सम्पन्न कराने की अनुशंसा की है।

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