Friday, August 29, 2025

आज भारतीय गणतंत्र रक्षक संघ द्वारा गोंडवाना वीरांगना महारानी दुर्गावती का 461 शौर्य दिवस

वाराणसी दिनांक 29 जून2025 आज भारतीय गणतंत्र रक्षक संघ द्वारा गोंडवाना वीरांगना महारानी दुर्गावती का 461 शौर्य दिवस के अवसर पर संघ के मुख्यालय खंडवा वाराणसी पर कोलकाताओं द्वारा महारानी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई संघ के वक्ताओं द्वारा बताया गया की महारानी ने अपने राज्य की संप्रभुता से समझौता नहीं किया गोंडवाना साम्राज्य मध्य भारत का एक विशाल और सभी सम्राट था जो जबलपुरसागर दमोह सिवनी मंडला नरसिंहपुर छिंदवाड़ा नागपुर होशंगाबाद भोपाल और बिलासपुर तक फैला हुआ था गोंडवाना एक शक्तिशाली सम्राट था उनके शासनकाल

कोइतिहासकारों ने अत्यंत कुशल और समृद्ध माना हैअबुल फजल ने अपनी पुस्तकआईने अकबरी में लिखा है कि दुर्गावती के शासन में गोंडवाना इतना सुरक्षित और संविधान की प्रचार कर और मुद्दाओं और हाथियों के माध्यम से अदा करती थी उनके शासन में 23000 गांव में से 12000 गांव सीधे उनके प्रशासन के अधीन थेजब किसी से सामंतों के नियंत्रण में थे शुरुआती में अपने राजधानी कोसिंघौरगढ़ अखिलेश से स्थानांतरित कर चौरागढ़किले में स्थापित कियाउनके शासनकाल में गोंडवाना का क्षेत्रफल इंग्लैंड के बराबर हो गया था जो पुरुष से पश्चिम तक 300 मिल और उत्तर से दक्षिण तक 160 मिनट तक फैला हुआ था उनकी सेवा में ₹20000 योद्धा हाथी औरसंघ पैदल सैनिक थेविशेष रूप से बनवाना साम्राज्य भारत का पहला सम्राट था जहां महिला सैनिक बस्ती का गठन किया गया थाजिसकी कमान गुजराती की बहन कमलावती और कुरागढ़ की राजकुमारी संभालती थी महारानी दुर्गावती का जीवन साहस और और स्वाभिमान की एक अनुपम गाथा है उन्होंने अपने समय की सबसे शक्तिशाली मुगल सेवा से मुगल सीमा के सामने न झुकने नाजुक कर यह सिद्धकिया की वीरता और बलिदान किसी लिंग या वंश तक सीमित नहीं होता उनका शासन काल गोंडवाना के स्वर्णिम युग का प्रतीक था और उनके बलिदान बात इतिहास में एक अमित अध्याय हैश्रद्धांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुएअध्यक्ष डॉ उमेश चंद जी ने वर्तमान सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक स्थितियों के प्रति चिंता जाता है उन्होंने कहा कि देश में सभी भ्रष्टाचार की जय देश की चुनावी व्यवस्था है उन्होंने कड़े चुनाव सुधार की आवश्यकताबताते हुए कहा कि प्रत्याशी के चुनाव प्रचार को अधिकतम 2 लाख में सीमिट्टी किया जाए 50 संहिता के बाद पार्टी स्तर से चुनाव को प्रचार प्रसार पर पाबंदी लगाई जाए पार्टियों द्वारा मिथ्या प्रचार प्रसार देश का माहौल तनाव रस होता है और हिंसा की संभावना बनी जाती है इस तरह के प्रबंध से निश्चित रूप से कॉरपोरेट जगत का चुनाव में आर्थिक सहयोग की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और आर्थिक प्रचार पर अंकुश लगेगा देश की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा वापस जगत का अरेंजमेंट दबाव भी राजनीतिक दलों पर नहीं रहेगा और सरकारी आर्थिक नीति पर प्रकाश प्रवास प्रवासी प्रभावशाली तरीके से कार्य कर सकती हैं महारानी को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में श्री संजीव घर सुभाष शाह अजय कुमार विश्वकर्मा विकास वर्मा राधेश्यामहंसराजअशोक कुमार

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