मुख्य सड़क पर भरा बाढ़ का पानी, ढाब क्षेत्र के गांवों का शहर से संपर्क कटा, ग्रामीणों की जान जोखिम में
चिरईगांव/वाराणसी, 5 अगस्त 2025
चिरईगांव विकासखंड के मुस्तफाबाद गांव के पास स्थित मुख्य सड़क पर बाढ़ का पानी भर जाने से ढाब क्षेत्र के कई गांवों — रामचंदीपुर, रामपुर, गोबरहा, मोकलपुर, रेतापार, नखवां, टोड़ीपर आदि — का वाराणसी शहर से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। क्षेत्र की सड़कें बाढ़ के पानी से लबालब भरी हुई हैं, जिससे ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि ढाब क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दूध वाराणसी शहर के बाजारों में भेजा जाता है। लेकिन सड़क पर तेज बहाव होने के बावजूद दूध विक्रेताओं को मजबूरी में दूध पहुंचाने के लिए निकलना पड़ रहा है। दूध विक्रेता रितेश यादव, शशिकांत यादव, आजाद यादव और सभाजीत यादव ने बताया कि दूध एक जल्दी खराब होने वाला उत्पाद है। यदि इसे समय से बाजार नहीं पहुंचाया गया तो पूरी कमाई पर पानी फिर जाएगा।
नाव की कमी बनी बड़ी समस्या
मुस्तफाबाद से रेता पार जाने वाले मार्ग पर पुनवासी यादव की चक्की से लेकर अतुल सिंह के पम्पिंग सेट तक सड़क पर भारी पानी भर गया है। लेकिन नाव की व्यवस्था न होने के कारण छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग और आम राहगीर जान जोखिम में डालकर पानी पार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है।
प्रशासन की अनदेखी से ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई राहत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। मुस्तफाबाद के अतुल सिंह सहित कई लोगों ने कहा कि समय रहते नाव, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षित रास्तों की व्यवस्था नहीं की गई तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।