सच उजागर करने की सज़ा: पत्रकार के परिवार पर हमला, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को चुनौती
वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के चुकहा गाँव में पत्रकारिता पर हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक स्थानीय पत्रकार द्वारा सड़क सम्बन्धी खबर प्रकाशित किए जाने की रंजिश में कुछ दबंगों ने पत्रकार के पिता और परिवार पर हमला बोल दिया।
पीड़ित राजेश पुत्र प्रसाद ने आरोप लगाया है कि गाँव के ही जयहिन्द कुमार, प्रवीण कुमार और श्यामसुन्दर रविवार को एक राय होकर उनके घर पहुँचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने कहा – “तुम्हारा बेटा पत्रकार बन गया है, अब कोई भी खबर छाप देगा। इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।” इसके बाद राजेश को मारने लगे
राजेश का कहना है कि जब वे किसी तरह जान बचाकर घर के भीतर पहुँचे तो विपक्षियों ने माँ-बहन के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किया और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान छोटे बेटे ने घटना की मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने मोबाइल छीनकर तोड़ डाला।
इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर दहशत फैला दी है बल्कि पत्रकार समाज में गहरी नाराज़गी भी पैदा कर दी है। पत्रकार संगठनों ने कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह हमला केवल एक परिवार पर नहीं बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर सीधा हमला है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
पीड़ित परिवार ने भी पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने माँग की है कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी पत्रकार और उसका परिवार सच उजागर करने की कीमत न चुकाए।
सूचना मिलते ही चौबेपुर पुलिस ने पीड़ित की तहरीर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।