अतिक्रमण हटाओ अभियान : राहत की सांस या अस्थायी हल
चकिया नगर पंचायत प्रशासन ने शुक्रवार को जिस प्रकार सख्ती दिखाते हुए नगर के मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटवाया, वह सराहनीय कदम है। लंबे समय से ठेले-खोमचे और अवैध रूप से रखे गए गोमती जाम की समस्या की जड़ बन चुके थे। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी थी कि आपातकालीन सेवा वाले वाहन तक घंटों जाम में फंस जाते थे। लगातार मिल रही शिकायतों और आगामी दुर्गा पूजा को देखते हुए यह कार्रवाई न केवल आवश्यक थी बल्कि समयानुकूल भी।
हालांकि सवाल यह भी है कि क्या इस तरह की कार्रवाई स्थायी समाधान बन पाएगी? अनुभव बताता है कि प्रशासनिक सख्ती के कुछ दिनों बाद ही अतिक्रमणकारी पुनः कब्ज़ा जमा लेते हैं। केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वैकल्पिक व्यवस्था भी उतनी ही ज़रूरी है। ठेले-खोमचे वाले भी रोज़ी-रोटी की तलाश में सड़क पर उतरते हैं। यदि उन्हें व्यवस्थित बाजार या स्थान उपलब्ध कराया जाए, तभी यह समस्या जड़ से हल होगी।
स्थानीय लोगों ने इस अभियान पर राहत की सांस ली है, लेकिन उनकी अपेक्षा यही है कि प्रशासन इसे नियमित रूप से जारी रखे। दुर्गा पूजा जैसे बड़े आयोजनों के दौरान नगर की स्वच्छता और यातायात व्यवस्था बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। यह कार्रवाई यदि निरंतरता और संवेदनशीलता के साथ होती रही, तभी चकिया नगर जाम और अव्यवस्था से मुक्त हो सकेगा।
चन्दौली से ~ तारकेश्वर पाण्डेय की रिपोर्ट





