2 महीने में ही दरारों से दहला गंगा पुल
हज़ारों करोड़ की लागत पर उठे सवाल, मरम्मत शुरू – जनता बोली, करदाताओं के पैसे की खुली बर्बादी
वाराणसी/चंदौली, शनिवार 27 सितम्बर 2025 (शाम 6:30 बजे)।
बनारस-चंदौली को जोड़ने वाले रिंग रोड पर गंगा नदी पर बना पुल खोले अभी दो महीने भी नहीं हुए हैं कि पुल पर जगह-जगह दरारें पड़नी शुरू हो गईं। मजबूरी में विभाग ने पुल की रिपेयरिंग का काम शुरू करा दिया है।
हज़ारों करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत में ही खामियाँ उजागर होने पर स्थानीय लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि यह करदाताओं के पैसे की खुली बर्बादी है और भ्रष्टाचार की देन है।
स्थानीय लोगों की नाराज़गी
स्थानीय निवासी मनोज काका ने कहा – “इतनी बड़ी लागत से बना पुल महीनों भी सही नहीं चल पाया, ये जनता के पैसे की बर्बादी है।”
राघवेंद्र सिंह बोले – “निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता हुआ है, इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।”
अतुल सिंह और आकाश सिंह ने कहा – “यदि शुरुआत में ही पुल दरक रहा है तो आगे यात्रियों की जान पर संकट आ सकता है।”
अंकित और मनोज ऋषि ने आरोप लगाया – “सरकार को ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”
विभाग की सफाई
सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि पुल पर आईं दरारें “सतही” हैं, जिनका स्थायित्व पर कोई असर नहीं पड़ेगा। तकनीकी टीम मौके पर जांच कर रही है और मरम्मत कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है और यातायात प्रभावित नहीं होगा।
जनता की मांग – जांच और कार्रवाई
हालांकि स्थानीय लोगों ने विभाग की सफाई को पर्याप्त नहीं माना। उनका कहना है कि करोड़ों की लागत से बने पुल की खामियों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत में ही यह स्थिति है, तो आने वाले वर्षों में यह पुल यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।





