मुस्तफाबाद में विकास कार्यों की धांधली की जांच में जुटे डीसी मनरेगा

चिरईगांव (वाराणसी)। ग्राम पंचायत मुस्तफाबाद में विकास कार्यों में कथित धांधली की शिकायत पर सोमवार को उपायुक्त मनरेगा देवेंद्र कुमार ओझा अपनी टीम के साथ जांच करने पहुंचे।
गांव निवासी अतुल कुमार सिंह पुत्र गोपाल सिंह ने इंटरलॉकिंग निर्माण, स्ट्रीट लाइट, आरओ प्लांट आदि में अनियमितताओं की शिकायत जिला पंचायत राज अधिकारी को दी थी। शिकायत के आधार पर जांच की जिम्मेदारी डीसी मनरेगा को सौंपी गई थी।

जांच के दौरान उपायुक्त मनरेगा ने गांव में स्थापित आरओ प्लांट का निरीक्षण किया। पाया गया कि वहां भवन निर्माण नहीं हुआ था, फिर भी धनराशि आहरित कर ली गई थी। इसके अलावा पंचवटी में इंटरलॉकिंग, मुख्य मार्ग से हरिजन बस्ती तक इंटरलॉकिंग व स्ट्रीट लाइट, तथा मुस्तफाबाद रेतापर में उच्च प्राथमिक विद्यालय से बस्ती तक इंटरलॉकिंग कार्य की भी नापजोख की गई।
जांच के दौरान जब कार्यों से संबंधित एमबी बुक और मस्टर रोल मांगी गई तो वर्तमान पंचायत सचिव चांदनी सिंह दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सकीं। उनका कहना था कि यह कार्य उनके कार्यकाल से पूर्व कराए गए थे और उनके अभिलेख अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

जांच के समय शिकायतकर्ता अतुल कुमार सिंह, तत्कालीन ग्राम प्रधान, वर्तमान ग्राम प्रधान तथा दोनों सचिव मौजूद रहे। उपायुक्त मनरेगा ने बताया कि शिकायती पत्र प्राप्त होने पर स्थलीय जांच करने के लिए मौके पर पहुचे





