प्रकाशनार्थ
7 अक्टूबर 2025 को समाजवादी पार्टी के महानगर कार्यालय भेलपुर (ललिता)पर महानगर अध्यक्ष दिलीप डे के नेतृत्व में महर्षि बाल्मीकि जी जयंती बड़े धूमधाम से उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर मनाया गया |
उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए महानगर अध्यक्ष दिलीप डे ने कहा कि महर्षि बाल्मीकि का नाम रत्नाकर था, महर्षि बाल्मीकि जी का जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति तथा मानवता की क्रूरता पर विजय का प्रतीक है वे अद्वितीय विद्वान ऋषि एवं सहृदय कवि थे, जिन्होंने भारतीय समाज में पूज्यनीय स्थान अर्जित किया।
संचालन करते हुए महानगर महासचिव योगेंद्र यादव ने कहा कि महर्षि बाल्मीकि जी का लालन-पालन भील कुल में हुआ था वे लूट पाट कर के अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे जब एक दिन ऋषि नारद जी को बाल्मीकि जी ने बंधक बनाया तो नारद जी ने कहा कि ये जो आप लूट पाट करते हो तो क्या इस पाप के भागीदार आप के परिवार वाले होगे, परिवार से जब बाल्मीकि जी ने पूछा तो वे इंकार कर दिए,बाल्मीकि जी ने नारद जी से सही राह दिखाने की विनती की, नारद जी ने राम का नाम जपने की सलाह दिए परंतु जब बाल्मीकि जी राम राम बोलते तो मरा मरा निकलता तो उन्होंने मरा मरा बोलना शुरू कर दिया तब राम राम का जाप होने लगा और फिर महर्षि बाल्मीकि जी गहरी तपस्या में लिन हो गए, उसके बाद उन्हें जो ज्ञान प्राप्त हुआ वह सर्वविदित है।उनके जीवनी से हमें यह सीख मिलती है कि कठिन तप व परिश्रम से हर सफलता हासिल की जा सकती है।
गोष्ठी में प्रमुख रूप से महेंद्र सिंह यादव, रजत कुमार बाल्मीकि, जितेन्द्र यादव, अजहर अली सिद्दीकी,अजय चौधरी, राहुल कन्नौजिया,संजय यादव,अनिल साहू, ज़ाहिद नासिर, धीरज यादव, अखिलेश पाल, निजामुद्दीन अंसारी, शान केशरी,अंकित यादव,सेराज नेता, आदि लोगों ने अपने विचार व्यक्त किया, धन्यवाद रामजी यादव ने किया
भवदीय
रामजी यादव, मीडिया प्रभारी
समाजवादी पार्टी महानगर वाराणसी




