

त्योहारी सीजन में सज रहे मिष्ठानों की दुकानों पर मीठे के स्टालों पर ना करे भरोसा
पहाड़ी इलाकों के गांव से निर्मित किए जा रहे खोए की सप्लाई शहरी क्षेत्रों में ग्रामीण मार्केट में किए जा रहे हैं
जो कि कदापि भरोसे के लायक नहीं है ।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश लखनऊ के द्वारा जारी शासनादेश
एवं जिलाधिकारी चंदौली के आदेश के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर ओवर ब्रिज के नीचे से लगभग 5 क्विंटल खोवा बरामद किया दो वाहनों में आठ लोगों के द्वारा बिक्री हेतु ले जाया जा रहा था जिसे खाद्य आयुक्त की टीम ने धरा दबोचा और मौके पर ही नमूना संग्रहित कर जांच के लिए प्रेषित किया गया,आयोडीन साल्यूशन के माध्यम से मौके पर स्टार्च की जांच की गई खोए में रिफाइंड ऑयल स्किम्ड मिल्क पाउडर मिला होने का अनुमान लगाया गया ।जिसे नमूनों का संकलन कर जांच के लिए खाद्य विश्लेशक उत्तर प्रदेश लखनऊ को प्रेषित किया गया। लगभग एक कुंटल 50 किलो लावारिस खोए का विनष्टी करण भी कराया गया जिसका अनुमानित लागत ₹30000 के लगभग है।
रामनगर कटेसर में भी रसभरी रसगुल्ला के निर्माण केंद्रों पर छापेमारी का कार्य किया गया तथा वहां से भी सिंपल एकत्रित किया गया। मिठाई निर्माण केंद्रों पर 2006 के प्रावधानों के तहत साफ सफाई स्वच्छता को ध्यान में रखने को प्रेषित किया गया। दीपावली त्यौहार के मध्य नजर खाद्य विभाग की टीम ने निर्देशित किया की जांच का कार्यक्रम चलता रहेगा ।






