कथावाचक ने समझाया ‘याद’ और ‘दया’ का अलौकिक संबंध; चकिया एसडीएम ने की शिरकत
हेतिमपुर, 29 अक्टूबर 2025: हेतिमपुर स्थित पावन तीर्थ बाबा जागेश्वर नाथ मंदिर के भव्य प्रांगण में आयोजित हो रही श्री राम कथा का आज आठवां दिन भक्ति और ज्ञान से ओत-प्रोत रहा। कथा श्रवण करने के लिए आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए, जिससे पूरा पंडाल राममय हो उठा।
कथा का मुख्य विषय: सच्चे स्मरण की शक्ति
आज के प्रवचन में कथावाचक ने ईश्वर के सच्चे स्मरण (याद) और उसकी करुणा (दया) के अलौकिक सिद्धांत को समझाया। उन्होंने कहा कि:
ब्लॉककोट: “संसार की भाग-दौड़ में मनुष्य भले ही ईश्वर को भूले, लेकिन जिस क्षण वह सच्चे और निस्वार्थ हृदय से भगवान को याद करता है, उसी पल भगवान अपनी दया बरसाना शुरू कर देते हैं।”

कथावाचक ने इस मर्म को और गहरा करते हुए श्रोताओं को बताया कि ‘याद’ शब्द को यदि उल्टा कर दिया जाए, तो वह ‘दया’ बन जाता है। यह मात्र एक शाब्दिक संयोग नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि स्मरण ही करुणा को आकर्षित करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को जीवन में नित्य प्रभु स्मरण करने की प्रेरणा दी ताकि वे सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर ईश्वर की कृपा प्राप्त कर सकें।





