🕉️ स्वर्वेद महामन्दिर धाम, वाराणसी: अध्यात्म महोत्सव का विराट आयोजन
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामन्दिर धाम, उमरहा में विहंगम योग सन्त-समाज का 102वाँ वार्षिकोत्सव एवं 25000 कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ एक भव्य समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव के रूप में मनाया गया। यह दिव्य आयोजन 25 एवं 26 नवम्बर 2025 (मंगलवार एवं बुधवार) को संपन्न हुआ, जिसने लाखों श्रद्धालुओं को अध्यात्म की ओर आकर्षित किया।
यह महायज्ञ विहंगम योग के प्रणेता अनन्त श्री सद्गुरु सदाफलदेव जी महाराज की आध्यात्मिक विरासत और उनके द्वारा रचित अमर ग्रंथ ‘स्वर्वेद’ के ज्ञान को समर्पित था।
✨ प्रमुख आकर्षण और कार्यक्रम:
* 25000 कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ: 26 नवम्बर को प्रातः 9 बजे से आयोजित, यह महायज्ञ वेदों के ज्ञान और सद्गुरु के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का एक अभूतपूर्व माध्यम बना।
* सत्संग और अमृतवाणी:
* सद्गुरु आचार्य श्री स्वतन्त्रदेव जी महाराज ने 26 नवम्बर रात्रि 8 बजे अपनी अमृतवाणी से भक्तों को मार्गदर्शन दिया।
* संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज ने प्रतिदिन सायं 6 बजे से अपनी दिव्यवाणी (जय स्वर्वेद कथा) के माध्यम से सत्संग-अमृत का वितरण किया।
* प्रथम आचार्य श्री धर्मचन्द्रदेव जी महाराज का भी विशेष स्मरण किया गया।
* साधना केंद्र और शिविर: विशालतम साधना केंद्र में 20,000 साधकों हेतु निःशुल्क आसन-प्राणायाम, ध्यान प्रशिक्षण एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से किया गया, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना था।
* प्रसारण: इस ज्ञान-यज्ञ का सीधा प्रसारण सत्संग टी.वी. चैनल पर प्रतिदिन रात्रि 9 बजे किया गया, जिससे विश्वभर के अनुयायी इससे जुड़ सके।
इस दो दिवसीय आध्यात्मिक महाकुंभ ने ‘ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्स॑वि॒तुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्॥’ (गायत्री मंत्र) के पवित्र उद्घोष के साथ, सद्गुरु के ज्ञान, ध्यान और योग को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प को और अधिक मजबूती दी। स्वर्वेद महामन्दिर धाम, विहंगम योग सन्त-समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत बना।





