गरला गांव में अधूरा पड़ा आरसीसी सड़क निर्माण बना ग्रामीणों के लिए अभिशाप, प्रधान पर लापरवाही के आरोप तेज
(चंदौली)
चकिया/गरला।
गरला गांव में मन्नू के घर से लालता तक बनने वाली आरसीसी सड़क प्रमुख समस्या बन चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम प्रधान जितेंद्र राय ने दो महीने पहले पूरे मार्ग की खुदाई तो करवा दी, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। खुदाई के बाद रास्ता इतना जर्जर हो गया है कि गांव वालों का दैनिक जीवन कठिनाइयों से भर गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि खुदाई के दौरान उम्मीद जगी थी कि अब सड़क बनेगी और सुविधा बढ़ेगी, लेकिन प्रधान द्वारा काम अधर में छोड़ देने से स्थिति और खराब हो गई। लगातार गुहार के बावजूद ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं हुई है। बरसात और कीचड़ के कारण रास्ता दलदल में बदल चुका है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और छात्रों को रोजाना भारी जोखिम उठाना पड़ रहा है।
गरला निवासी भोले विश्वकर्मा, जिनका एक पैर कटा हुआ है, दर्द भरे स्वर में कहते हैं—“जब बनवाना ही नहीं था, तो खुदवाया क्यों?” उन्होंने बताया कि वे लगातार प्रधान से रास्ते पर मिट्टी डालने की मांग कर रहे हैं, ताकि न्यूनतम आवागमन तो शुरू हो सके, लेकिन उनकी बात को बार-बार अनसुना कर दिया गया। “हम सुरक्षित चल भी नहीं पा रहे हैं, और प्रधान सुनने को तैयार नहीं,” भोले ने कहा।
जब ग्रामीणों ने प्रधान जितेंद्र राय से समयसीमा पूछी, तो उन्होंने कोई निश्चित जवाब नहीं दिया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया है।
मौके पर आदित्य विश्वकर्मा, अशोक विश्वकर्मा, रामाश्रय विश्वकर्मा और तिलक्कू विश्वकर्मा ने भी प्रधान पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क निर्माण जल्द बहाल न हुआ तो आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल सड़क का निर्माण शुरू कराया जाए, जिससे गांव की यातायात समस्या खत्म हो और लोग सुरक्षित आवागमन कर सकें।






