: गंगा की ‘खूनी’ रेत पर रात का राज! अवैध खनन से छलनी हो रही सरसौल की धरती, अधिकारी बने अंजान 
वाराणसी। गंगा किनारे बालू मिश्रित मिट्टी के अवैध खनन का काला कारोबार चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांवों में बेखौफ जारी है। सरसौल, धराधर और लूठाकला सहित कई स्थानों पर माफिया रात के अंधेरे का फायदा उठाकर धड़ल्ले से धरती को छलनी कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि 18 मार्च को शिकायत के बावजूद भी इस पर अंकुश नहीं लग सका है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बीती बुधवार की रात सरसौल गांव में हुए खनन के बाद मौके पर पड़े ट्रैक्टर-ट्रालियों के टायरों के निशान इस अवैध धंधे की पुष्टि करते हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना किसी डर के रातभर सड़कों पर फर्राटा भरती रहती हैं, जिससे न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र को भी खतरा पैदा हो गया है।
खनन निरीक्षक अनुज कुमार ने गुरुवार को निरीक्षण के बाद महज इतना कहा कि वह तहसील सदर कार्यालय से यह पता लगाएंगे कि खनन सरकारी या निजी भूमि से हुआ है और अनुमति थी या नहीं। उन्होंने कार्रवाई की बात भविष्य पर टाल दी है। उल्लेखनीय है कि पिछली बार खनन अधिकारी प्रशांत शर्मा ने भी कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन ज़मीन पर हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं।





