

चंदौली: सिंचाई विभाग की लापरवाही से ‘अन्नदाता’ परेशान, पुल निर्माण के फेर में बाधित हुई गेहूं की सिंचाई
सब-हेडिंग: चकिया के पाचवनिया में अधूरा पड़ा पुल बना मुसीबत, कर्मनाशा नहर का पानी रुकने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें।
[संवाददाता पीयूष मिश्रा/ब्यूरो], चकिया/चंदौली:
जनपद चंदौली की चकिया तहसील अंतर्गत ग्राम सभा पाचवनिया में सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ हो रहे पुल निर्माण कार्य की कछुआ चाल ने न केवल आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, बल्कि किसानों के लिए रबी की फसल बचाना भी मुश्किल कर दिया है।

अधूरे निर्माण से थमा पहिया
ग्राम सभा पाचवनिया में पुल का निर्माण कार्य काफी समय से चल रहा है,ठेकेदारों की मनमानी की दोयम दर्जे के मैटेरियल से कर रहे पुल का निर्माण, लेकिन अभी तक इसके पूर्ण न होने से यातायात बुरी तरह बाधित है। राहगीरों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इससे भी बड़ी समस्या किसानों के सामने खड़ी हो गई है।
गेहूं की सिंचाई पर मंडराया संकट
पुल निर्माण कार्य के चलते कर्मनाशा नहर का ‘लेफ्ट-राइट राजवाहा’ (Rajwaha) नहीं खुल सका है। इस समय गेहूं की फसल को पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन नहर सूखी पड़ी है। अधिकारियों की मनमानी और निर्माण कार्य में देरी के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।
क्या कहते हैं किसान?
कर्मनाशा नहर से सटे खेतों वाले किसानों का दर्द अब छलकने लगा है। किसानों का कहना है:
“हमारे पास सिंचाई के लिए अपनी निजी बोरिंग की व्यवस्था नहीं है। हम पूरी तरह नहर पर आश्रित हैं। पुल के चक्कर में पानी नहीं छोड़ा गया है। अगर किराए पर भी सिंचाई करना चाहें, तो आस-पास पानी का कोई स्रोत नहीं है जहाँ से पानी उठाया जा सके। अगर जल्द पानी नहीं मिला तो हमारी गेहूं की फसल बर्बाद हो जाएगी।”
अधिकारियों की मनमानी से जनता त्रस्त
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मनमानी और संवेदनहीनता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। जनता त्रस्त है और प्रशासन से सवाल पूछ रही है कि आखिर कब तक पुल का निर्माण पूरा होगा और कब किसानों के खेतों तक पानी पहुँचेगा?
अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर कब तक किसानों को राहत पहुंचाता है।





