वाराणसी: शिक्षण संस्थानों में भेदभाव के खिलाफ चिरईगांव के युवा नेता वरुण सिंह (मंटू) ने उठाई आवाज
वाराणसी (चिरईगांव):
वाराणसी जिले के चिरईगांव ब्लॉक स्थित छितौनी ग्राम सभा के युवा समाजसेवी और भाजपा नेता वरुण सिंह (मंटू) ने शिक्षा के क्षेत्र में समानता और न्याय को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में होने वाले भेदभाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से कानूनों में कड़े बदलाव करने की अपील की है।
* भेदभाव मुक्त शिक्षा की मांग: वरुण सिंह (मंटू) ने कहा कि छितौनी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले होनहार छात्र अक्सर बड़े संस्थानों में भेदभाव का शिकार हो जाते हैं। इसे रोकने के लिए सरकार को यूजीसी के नियमों को और अधिक सख्त बनाना चाहिए।
* कानून में संशोधन: उन्होंने सुझाव दिया कि केवल नियम बनाना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें “जीरो टॉलरेंस” की नीति के साथ लागू किया जाना चाहिए ताकि किसी भी छात्र के साथ उसकी जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर अन्याय न हो।
* भाजपा की नीति पर जोर: युवा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है, और इस विजन को साकार करने के लिए शिक्षण संस्थानों को भेदभाव की बेड़ियों से मुक्त करना अनिवार्य है।
* युवाओं का समर्थन: छितौनी ग्राम सभा और चिरईगांव क्षेत्र के युवाओं ने वरुण सिंह की इस मांग का पुरजोर समर्थन किया है। समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय मंटू जी का मानना है कि ग्रामीण भारत की प्रतिभा तभी विश्व पटल पर चमकेगी जब उसे निष्पक्ष माहौल मिलेगा।





