।।” वन्देमातरम् ॥ गोयेंगे।
वन्दे मातरम गायेंगे, देश की शान बढ़ायेंगे। हाथों में लें सुधर तिरंगा, आजादी का जश्न मनायेंगे।आतातायी दूर रहें सब, ऐसी युक्ति लगायेंगे ।
हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख ईसाई; मिलकर साथ निभायेंगे। रार्म के नाम पे नहीं लड़ेंगे, समता का बिगुल बजायेंगे।
भाषा पंथ विचार मैन उलक्ष, शिक्षा की ज्योति जलायेंगे।
देश के सब है देश सभी का ऐसा सुंदर पाठ पढ़ायेगे।
देशभक्ति का अलख जगाकर, जन-जन तक पहुँचायेंगे ।।
भारत मां हम सबकी मां है; ये सबको बतलायेंगे। विकसित कर भारत को फिरसे, दुनिया को दिखलायेंगे।
बलिवेदी पर पुष्पार्पित कर, शहीदों का मान बहायेंगे। हाथों में लेकर ये तिरंगा, वन्देमातरम गायेंगे ।। डॉ. निकता (लखनऊ’)




