Saturday, April 18, 2026

भाजपा के अभेद्य दुर्ग शिवपुर में बगावत: चिरईगाँव मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति पर कार्यकर्ताओं का भारी आक्रोश


भाजपा के अभेद्य दुर्ग शिवपुर में बगावत: चिरईगाँव मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति पर कार्यकर्ताओं का भारी आक्रोश

वाराणसी (शिवपुर): भारतीय जनता पार्टी का मजबूत किला मानी जाने वाली शिवपुर विधानसभा के चिरईगाँव मंडल में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर घमासान मच गया है। मंडल अध्यक्ष पद पर शशिकांत कुशवाहा की घोषणा के बाद से ही क्षेत्र के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि पार्टी ने एक ऐसे व्यक्ति को कमान सौंपी है जो कुछ दिन पहले तक विपक्षी दल ‘जनअधिकार पार्टी’ में सक्रिय था और भाजपा का विरोध करता था।

निष्ठावानों को दरकिनार करने का आरोप

मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिनमें पूर्व मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, मंडल मंत्री धीरेंद्र सिंह, अश्विनी सिंह,मेजर सुरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश तिवारी, और हौसीला देवी शामिल हैं, ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि मंडल अध्यक्ष के चयन के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाई गई थी, जिसमें डॉ. कैलाश साहनी, कुमुद त्रिपाठी, पंकज सिंह, दिनेश सिंह, डिंपल हेतु उपाध्याय समेत 10 कर्मठ कार्यकर्ताओं ने नामांकन किया था। लेकिन संगठन ने इन सभी समर्पित चेहरों को दरकिनार कर एक ‘बाहरी’ व्यक्ति को अध्यक्ष चुन लिया।

विपक्षी पृष्ठभूमि पर उठे सवाल

कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नवनियुक्त अध्यक्ष शशिकांत कुशवाहा भाजपा के सक्रिय सदस्य तक नहीं हैं। वह नियुक्ति से महज 10 दिन पूर्व तक विपक्षी दल में पद और प्रतिष्ठा के साथ सक्रिय थे।

“जिस व्यक्ति ने सार्वजनिक मंचों से भाजपा की नीतियों का विरोध किया, उसे रातों-रात अध्यक्ष बनाना उन कार्यकर्ताओं का अपमान है जिन्होंने सालों से पार्टी का झंडा बुलंद किया है।” – स्थानीय पदाधिकारी

सामूहिक इस्तीफे और कार्य बहिष्कार की चेतावनी

इस विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। श्यामकर्तिक मिश्रा (मंडल महामंत्री), कैलाश पति मौर्य (कोषाध्यक्ष) और अश्विनी त्रिपाठी (MLC संयोजक) सहित कई सेक्टर संयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस नियुक्ति पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो कार्यकर्ता आगामी चुनावों में कार्य नहीं करेंगे।

प्रमुख मांगें:

शशिकांत कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया जाए।

यह स्पष्ट किया जाए कि किस नेता के संरक्षण में एक ‘बाहरी’ व्यक्ति को मंडल की कमान सौंपी गई।

निष्ठावान कार्यकर्ताओं में से ही किसी को अध्यक्ष बनाया जाए। चिरईगाँव मंडल के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व (लखनऊ) को पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो इसका सीधा असर आने वाले चुनावों के परिणामों पर पड़ेगा। फिलहाल, शिवपुर विधानसभा की राजनीति में इस ‘लेटर वार’ ने संगठन के भीतर खलबली मचा दी है।

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