चन्दौली/उतरैत: स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे मौत का खुला खेल जारी है! जहाँ एक तरफ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं उतरैत इलाके में एक तथाकथित ‘डॉक्टर’ लवकुश ने अपनी अवैध दुकान सजा रखी है। बिना किसी नाम के बोर्ड और बिना किसी डॉक्टरी डिग्री के, यह शख्स लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है।

बिना नाम का बोर्ड, लेकिन मौत का पूरा इंतजाम
हैरानी की बात यह है कि इस क्लिनिक का कोई आधिकारिक नाम नहीं है। स्थानीय लोगों की मानें तो यहाँ इलाज के नाम पर सिर्फ जेब खाली की जाती है और मरीजों को खतरे में डाला जाता है। बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के चल रहे इस क्लिनिक में हर वो काम हो रहा है, जिसके लिए सालों की पढ़ाई और तजुर्बे की जरूरत होती है।
झोलाछाप लवकुश: डिग्री गायब, सुई तैयार!
सूत्रों का दावा है कि ‘डॉक्टर’ लवकुश के पास चिकित्सा जगत की कोई भी मान्य डिग्री नहीं है। फिर भी, यह स्वयंभू डॉक्टर धड़ल्ले से इंजेक्शन लगा रहा है और दवाइयां बांट रहा है। उतरैत के भोले-भाले ग्रामीण इसके चंगुल में फंस रहे हैं।
“ये क्लिनिक नहीं, बल्कि अवैध उगाही का केंद्र है। यहाँ मरीज की जान से ज्यादा उसकी जेब देखी जाती है।” — एक जागरूक ग्रामीण
प्रशासन मौन, जनता परेशान
बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में लवकुश का यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है? क्या स्वास्थ्य विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?
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बिना रजिस्ट्रेशन: कोई वैध लाइसेंस नहीं।
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अवैध दवाइयां: बिना प्रिस्क्रिप्शन के हैवी डोज।
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जान का खतरा: गलत इलाज से बिगड़ सकते हैं हालात।




