चंदौली। चकिया विकासखंड की महिला मेटों ने आज अपनी उपेक्षा और ग्राम पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। अध्यक्ष किरन सिंह के नेतृत्व में उर्मिला देवी, पूजा, अनीता,पूनम, नंदिनी, सुशीला और शशिकला समेत दर्जनों महिलाओं ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

क्या है मुख्य विवाद?
महिला मेटों का आरोप है कि वर्ष 2021 से कार्यरत अनुभवी मेटों को दरकिनार कर ग्राम प्रधान अपने चहेतों और पसंद की महिलाओं को मेट के पद पर रख रहे हैं।
- आईडी ब्लॉक करने का आरोप: पुरानी महिला मेटों की आईडी सक्रिय नहीं की जा रही है, जिससे उनका मस्टररोल फीड नहीं हो पा रहा है।
- अधिकारियों की अनदेखी: प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उन्होंने खंड विकास अधिकारी (BDO) से कई बार गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई।

डीएम का सख्त रुख:
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर ही डीसी मनरेगा को फोन कर जमकर फटकार लगाई।
जिलाधिकारी ने डीसी मनरेगा को सख्त आदेश दिया है कि पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करे।
“हम अपनी हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रधान और ब्लॉक के अधिकारी मिलकर हमें काम से बाहर कर रहे हैं और फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। डीएम सर के आश्वासन से हमें न्याय की उम्मीद जगी है।”
— किरन सिंह, अध्यक्ष (महिला मेट समूह)





