पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा की आवश्यक बैठक
राजगढ़ (मिर्जापुर)
नदीहहार में प्रदेश वरिष्ठ महासचिव मनीष रंजन एडवोकेट की अध्यक्षता में पृथक पूर्वांचल राज्य बनाने के लिए विस्तृत विचार विमर्श किया गया ! इस अवसर पर संगठन प्रमुख पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने कहा कि 75 जिलों वाला उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा राज्य है। सभी क्षेत्रों में तेज विकास की दृष्टि और दूर जिले के लोगों की सुविधा के मद्देनजर उत्तर प्रदेश का बंटवारा किया जाना चाहिए। नये राज्य बनने से पिछड़े पूर्वांचल का तेजी से विकास हो सकेगा।अगले साल पूर्वांचल राज्य मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल माननीय प्रधानमंत्री महोदय से मिलकर पूर्वांचल राज्य की मांग को रखेगा ! राष्ट्रीय सचिव एवं सह प्रवक्ता – ए के खरे ने कहा कि सिर्फ पूर्वांचल राज्य ही नहीं बल्कि यूपी को चार टुकड़े में बांटने की बात पहले से होती रही है जिसमें अवध प्रदेश, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश यानी हरित प्रदेश में शामिल है।पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 21 नवबंर 2011 को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यूपी को चार भागों में बांटने की सिफारिश केंद्र से की थी। इसके बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी 6 सितंबर 2013 को संसद में पूर्वांचल राज्य के गठन की मांग उठायी थी। प्रदेश प्रवक्ता काकू सिंह एवं प्रदेश महासचिव लक्ष्मीकांत शुक्ला ने कहा कि पूर्वांचल राज्य का निर्माण हुए बिना समग्र विकास संभव नहीं, हमें नेताओं का नहीं पूर्वांचल के लोगों के सपनों का पूर्वांचल बनाना होगा.पूर्वांचल की बदहाली को नकारना आसान नहीं, जो विकास करने का दावा के रहे हों, वो चलकर देखें खेत व खलिहान, सड़क और नहरें, बिजली व अस्पताल सभी की स्थिति बदहाल है ! बैठक का संचालन राजेश कुमार बिंद ब्लॉक उपाध्यक्ष राजगढ़ ने किया ! इस अवसर पर काकू सिंह, लक्ष्मीकांत शुक्ला, प्रमोद कुमार सिंह, परीक्षित सिंह, आनंद सिंह, राजेश कुमार बिंद, आदि लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए