
चंदौली: “अगर गुंडई से खींची गाड़ी तो दर्ज होगा लूट का मुकदमा,” रिकवरी एजेंटों को SP की कड़ी चेतावनी
चंदौली। जनपद में फाइनेंस कंपनियों द्वारा रिकवरी के नाम पर की जा रही मनमानी और बदसलूकी पर अब पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सोमवार को पुलिस लाइन्स स्थित सभागार में जिले की समस्त फाइनेंस एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने स्पष्ट संदेश दिया कि ऋण वसूली के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जबरन वाहन खींचने पर होगी ‘लूट’ की FIR
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कड़े लहजे में कहा कि अक्सर ऐसी शिकायतें मिलती हैं जहाँ EMI न मिलने पर एजेंट वाहन स्वामी के साथ मारपीट या जबरदस्ती कर गाड़ी छीन लेते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि:
रिकवरी के दौरान किसी भी प्रकार का अवैध दबाव या गुंडई न की जाए।
यदि कोई एजेंट जबरन गाड़ी खींचता है या डराता-धमकाता है, तो उसके विरुद्ध लूट की धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा।
एजेंसी संचालकों की भूमिका पाए जाने पर उन पर भी कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
”दो दिन पूर्व ही जनपद में एक ऐसे मामले में अभियोग दर्ज किया जा चुका है।
कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।” — आकाश पटेल, SP चन्दौली
पुलिस सत्यापन अनिवार्य, नियमों का करें पालन
पुलिस अधीक्षक ने बैठक में एजेंसियों को विधिक प्रक्रिया के तहत काम करने की नसीहत दी। मुख्य निर्देश निम्नलिखित हैं:
पुलिस वेरिफिकेशन: माइक्रोफाइनेंस बैंक और एजेंसियों के सभी कलेक्शन एजेंटों एवं कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन
(Police Verification) अनिवार्य रूप से कराना होगा।
विधिक प्रक्रिया:
रिकवरी के लिए केवल निर्धारित कानूनी रास्तों का ही उपयोग किया जाए।
पुलिस का सहयोग:
किसी भी विवाद की स्थिति में स्वयं उलझने के बजाय तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
एजेंसियों की भी सुनी गई समस्याएं
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक सदर, अनन्त चन्द्रशेखर भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने एजेंसियों के प्रतिनिधियों की समस्याओं को भी सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि यदि उन्हें फील्ड में किसी प्रकार की जायज समस्या आती है, तो वे सीधे पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं।
इस कड़े रुख से जनपद में उन एजेंटों के बीच हड़कंप मचा है जो अब तक वसूली के लिए धमकाने या बल प्रयोग का सहारा लेते थे।




