Friday, August 29, 2025

अवैध सॉफ्टवेयर के माध्यम से तत्काल ई टिकट निकालने वाले गिरोह का हुआ भंडाफोड़

अवैध सॉफ्टवेयर के माध्यम से तत्काल ई टिकट निकालने वाले गिरोह का हुआ भंडाफोड़

चन्दौली ब्यूरो/डीडीयू पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल (डीडीयू मंडल) के मंडल रेल प्रबंधक श्री राजेश कुमार पांडेय के दिशा निर्देश पर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ई-टिकटिंग संबंधी अवैध गतिविधियों पर पूर्ण अंकुश हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में डीडीयू मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्रा के दिशा निर्देशन में गठित विशेष टीम, जिसमें आरपीएफ पोस्ट डीडीयू , आउट पोस्ट विक्रमगंज एवं क्राइम ब्रांच डीडीयू के अधिकारी व जवान शामिल हैं, द्वारा रेलवे में अवैध सॉफ्टवेयर के माध्यम से तत्काल ई-टिकट निकालने वाले गिरोह का अन्य सुरक्षा एजेंसी व एटीएस बिहार के सहयोग से भंडाफोड़ किया गया है।
अवैध दलालों पर पहले भी कार्यवाही हुई है, लेकिन इस बार अवैध सॉफ्टवेयर संचालक तक पकड़ हुई है जो एक सराहनीय कदम है।
सबसे पहले काली महाल, चंदौली में जन सेवा केंद्र चलाने वाले मो. इश्तियाक अहमद एवं उसके भतीजे मो. शहीम को पकड़ा गया जिसके पास से अवैध आईआरसीटीसी सॉफ्टवेयर, लगभग 75 फर्जी आईआरसीटीसी व्यक्तिगत अकाउंट पाया गया जिससे वह लगभग 1200 ई-टिकटों का, जिसका मूल्य लगभग 13,68,985/- रुपये पाया गया, का अवैध व्यापार किया था। उसके निशानदेही पर सारण जिला स्थित दिघवारा क्षेत्र से विजय उर्फ शिवा को तथा वाराणसी स्थित परसारा गांव से विकास सिंह को अवैध सुपर पैनल सॉफ्टवेयर का क्रय-विक्रय एवं उसके माध्यम से तत्काल टिकट निकालने वालों को गिरफ्तार किया गया तथा जिसके पास से अवैध सॉफ्टवेयर, बूस्टर, एक्सटेंशन, वीपीएस, आईपी, एवम् लगभग 222 आईआरसीटीसी के फर्जी यूजर अकाउंट तथा 606 अवैध ई-टिकट बरामद हुआ जिसका मूल्य लगभग 11,99,713/- रुपये पाया गया।
इस प्रकार अवैध सॉफ्टवेयर के माध्यम से कुल तत्काल ई-टिकट 1720 बरामद हुआ जिसका मूल्य लगभग 25,68,698/- रुपये है। उन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल की आरपीएफ टीम द्वारा अवैध टिकट दलालों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है तथा गत वर्ष में विशेष अभियान में बिहार के सासाराम, डेहरी व गया के दूरदराज छेत्रों में छापामारी कर कार्यवाही की गई है व 33 अन्य गिरफ्तारियां सुनिश्चित की गई हैं।
ई-टिकटिंग के छेत्र में आरपीएफ साइबर सेल द्वारा सघन जांच की जा रही है तथा मंडल, जोनल रेलवे व रेलवे बोर्ड द्वारा सभी जांच को अंतिम कड़ी तक जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि इस समस्या का जड़ से निदान हो सके।
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री आशीष मिश्रा ने टीम की सराहना करते हुए लगातार अभियान चलाने की बात की है ताकि आम रेल यात्री को सुगमता से रेल टिकट मुहैया हो सके।
इस टीम में आरपीएफ के डीडीयू निरीक्षक संजीव कुमार, विक्रमगंज प्रभारी उप निरीक्षक हरे कृष्ण ठाकुर, क्राइम ब्रांच के प्रधान आरक्षी पवन कुमार एवं टेक्निकल सेल के आरक्षी दुर्गेश आनंद शामिल थे।

UP 18 NEWS से संजय शर्मा की रिपोर्ट

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