“भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन।
- भारत के 75 वें वर्ष में स्वतंत्रता दिवस को “आजादी का अमृत महोत्सव” के रूप में मनाया गया ।
सोनभद्र,राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा मे भारत की स्वन्त्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “भारतीय स्वन्त्रता संघर्ष विषय” पर गोष्ठी का आयोजन किया गया । गोष्ठी की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० प्रमोद कुमार ने किया । आपने बताया कि पिंजरे में बंद पक्षी से पूछ सकते हैं कि परतंत्रता क्या होती है । आप सब आज अपने अमर शहीदों के बलिदानों को जाने और उनके द्वारा किए गए नि:स्वार्थ त्याग को समझें कि आपका कितना बड़ा योगदान हमारे देश के लिए रहा है। रसायन शास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर किशोर कुमार सिंह ने बताया कि स्वन्त्रता दिवस मनाने का श्रेय हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जाता है । सरकार ने प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय समिति गठित की है , समिति में 259 सदस्य है । जिसका उद्घाटन आप 12 मार्च 2021 को गुजरात से करेंगे । आपने यह भी बताया कि हमें अपने को और आगे ले जाने के लिए अपने अतीत को याद करते रहना चाहिए । इतिहास विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ संतोष कुमार सैनी ने स्वन्त्रता आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि ” गुलामी के हलवे से स्वतंत्रता की सूखी रोटी ज्यादा अच्छी है । ” वही राजनीति शास्त्र के सहायक प्रोफेसर डॉ विनोद कुमार बहादुर सिंह ने बताया कि गांधीजी ने किस प्रकार नमक आंदोलन चला कर के अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी थी । वही समाजशास्त्र विभाग के सहायक प्रोफेसर श्री राजेश प्रसाद जी ने बताया कि हमारा समाज कितने संघर्षों के बाद आगे बढ़ा है तथा अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ अमूल्य कुमार सिंह ने स्वन्त्रता संघर्ष के बलिदानों के बारे में बताया उनके वीर गाथाओं के बारे में बताया और आपने एक बहुत ही सुंदर कविता प्रस्तुत किया “हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती हैं….। गोष्ठी का संचालन गणित विभाग के सहायक प्रोफेसर श्री उपेंद्र कुमार ने किया । वाणिज्य संकाय के सहायक प्रोफ़ेसर डॉ विभा पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया । संगोष्ठी में डॉ०सुनील कुमार , छात्र-छात्राएं व छात्रसंघ पदाधिकारी भी मौजूद रहे ।
TTM news से चंद्र मोहन शुक्ल की रिपोर्ट