सरकार के नियम और कानून के भय से बेखौफ सिंगरौली में वाहनों को कबाड़ में काट दिया जाता है।
सिंगरौली : सरकार के नियम और कानून के भय से बेखौफ सिंगरौली क्षेत्र के मध्यप्रदेश बार्डर दुल्ला पाथर में वाहनों को कबाड़ में काटा जा रहा है। सिंगरौली क्षेत्र के दुल्ला पाथर में हर दिन गाड़ी, को कबाड़ की दुकानों में ट्रक, मोटरसाइकिल, चारपहिया वाहनों को काटकर उनका वजूद मिटाया जाता है। वाहनों को काटने वाले लोग न तो इससे पहले पुलिस को सूचना देते हैं और न ही परिवहन विभाग से किसी प्रकार का अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेते हैं। जिससे पुलिस और परिवहन विभाग को पता भी नहीं चलता कि कौन सा वाहन कहां गायब हो गया। इस कारोबार में बड़ा रैकेट काम कर रहा है। छोटे-बड़े वाहनों को काटकर उनका वजूद मिटाने के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। चोरी के वाहनों को भी बड़ी संख्या में ऐसे ही निपटाया जा रहा है। ज्यादातर वाहन फाइनेंस और दूसरे राज्य में ट्रैक्स की चोरी करने वाले वाहन होते हैं। वाहनों को कुछ ही घंटे में छोटे-छोटे टूकड़ों में काटकर उनकी पहचान तक मिटा दी जाती है। स्थानीय तौर पर भी फाइनेंस और ट्रैक्स बकाया वाले वाहनों को कबाड़ में निपटा दिया जा रहा है। वाहनों को छोटे-छोटे टूकड़ों में कबाड़ में शामिल कर दूसरे स्थान में भेज दिया जाता है, या फिर किसी दूसरे वाहन में कल-पूर्जों के स्थान में लगा दिया जाता है। कई वाहनों की हालत तो ऐसी हो जाती है कि वाहन का इंजन किसी और वाहन का और चेचिस दूसरे वाहन का होता है। वहीं कई वाहनों के बारे में भी यह भी पता नहीं चलता है कि वाहन का कहां से निबंधित है और वाहनों के साथ क्या हुआ है। इस प्रकार के मामलों में नियमानुसार पुलिस किसी शिकायत का इंतजार करती है। परिवहन विभाग भी संसाधन के अभाव में कार्रवाई नहीं करता है। वही इस संबंध में सिंगरौली अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर का कहना है कि हमें इस संबंध में कोई शिकायत नहीं प्राप्त हुई है। जब शिकायत मिलेगी तो अवश्य कार्रवाई की जाएगी।
