कौशाम्बी जिले में तैनात कोतवाल प्रदीप कुमार सिंह की आकस्मिक मौत परिजनों में शोक की लहर
सोनभद्र
जैसे ही सुबह 10 बजे जनपद पुलिस से जैसे घर महुलिया में सूचना प्राप्त हुई, घर में कोहराम मच गया।यह खबर आग के तरह गांव में पहुंचने के बाद घर पर जाने वालों का तांता लग गया।
बता दें सदर कोतवाली क्षेत्र के महुलिया गाँव में जन्में प्रदीप कुमार सिंह पुत्र लालजी सिंह अपने 7 भाइयों में सबसे छोटे भाई थे। मृतक प्रदीप कुमार सिंह बर्तमान में कौशाम्बी जिले के सैनी थाने के कोतवाल थे।इनके दो पुत्र ईसू,21वर्ष, इशान 16 वर्ष अलग कालेजों में अध्ययन कर रहे हैं।जिसमें इशू कानपुर कालेज में तैयारियां कर रहा है, इशान अपने मा के साथ अपने निजी आवास इलाहाबाद में 11वी का छात्र के रूप पढ़ाई पूरी कर रहा। घर वालों को अनुसार जैसे सोनभद्र पुलिस के द्वारा सूचना मिली तो पैर से जमीन घिसक गई।भाइयों में सबसे समझ दार भाई चला गया।घर वालों ने बताया कि सूचना मिली कि सुबह हर दिन के भांति जब कोतवाल साहब नहीं निकले तो लगा कि आज ज्यादा थके होगें आराम कर रहे हैं, तहसील दिवस भी था।तहसील दिवस पर थाने के नायब दरोगा गये।वहाँ सी ओ रामबीर सिंह ने कारण पूछा तो जबाब सही नहीं मिला।फिर फोन मिलाया गया फोन भी नहीं उठा, फिर फौरन पुलिस दल के साथ कोतवाल के कमरे पर सीओ पहुंचे।दरवाजा खटखटाया गया, फिर फोन मिलाया गया घण्टी बार बार बजने के बावजूद जब कोई जबाब नहीं मिला तो दरवाजा तोड़कर अन्दर जाने पर पुलिस कर्मी कोतवाल मृतक प्रदीप सिंह को देख आवक रह गए।उन्हें तुरंत उठाया गया तो मुँह से झाक निकल रहा था।फिर क्या अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया।यह बताते हुए बड़े भाई बबुन्दर सिंह फफककर रो पड़े।फिर पूरा परिवार कौशाम्बी के लिए रवाना हो गया।कारण क्या है, आने के बाद ही पता चल पायेगा।
TTM news से चंद्र मोहन शुक्ला की रिपोर्ट