पूर्व प्रभारी निरीक्षक खुटहन सहित नौ के खिलाफ दलित उत्पीड़न,छेड़खानी,मारपीट का मुकदमा दर्ज
खुटहन जौनपुर,न्यायालय के आदेश पर थाना खुटहन पुलिस ने पूर्व प्रभारी निरीक्षक सहित नौ के खिलाफ दलित उत्पीड़न,छेड़खानी,घर मे घुसकर मारपीट,गाली गलौज सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।जानकारी के मुताबिक खुटहन थाने पर तैनाती के दौरान अपनी विवादित कार्यप्रणाली से चर्चित रहे पूर्व प्रभारी निरीक्षक विजेंद्र सिंह यादव के खिलाफ ग्राम फतेगढ़ थाना खुटहन निवासिनी दलित महिला ने एससी एसटी कोर्ट में इस आशय का प्रार्थना पत्र दिया कि विपक्षी गण दबंग व राजनैतिक किस्म के व्यक्ति है पुलिस की मदद से सड़क के किनारे बेसकीमती जमीन कब्जा करने का कार्य करते रहते है।प्रार्थिनी अपने पूर्वज के पट्टे की जमीन पर वर्षों से आवास बनाकर रहती है उक्त जमीन पर अनमोल विश्वकर्मा,रामस्वरथ,गौतम, शक्ती सिंह,राजेश सिंह व कोतवाल विजेंद्र सिंह यादव तीन महिला पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर 9 सितंबर करीब ढाई बजे दिन में जमीन पर कब्जा कराने लगे विरोध करने पर जातिसूचक भद्दी भद्दी गाली देते हुए कहे तुम्हरा यहाँ कुछ नही है महिला पुलिसकर्मी के साथ पूर्व प्रभारी निरीक्षक खुटहन विजेंद्र सिंह यादव खड़ा होकर प्रार्थिनी की जमीन कब्जा करवाने लगे रोकने पर लात घुसे से बुरी तरह मारने लगे तथा ब्लाउज फाड़ दिए जान बचाने हेतु प्रार्थिनी घर मे भागी तो घर मे घुसकर पिटाई किये इस दौरान प्रार्थिनी अर्धनग्न हो गयी ।अभियुक्तगण धमकी दिए कि कोई कार्यवाही करोगी तो जान से मारकर खत्म कर दूंगा।इस बावत पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक जौनपुर को कार्यवाही हेतु प्रार्थना पत्र दिया था कार्यवाही न होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया,पीड़िता के प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट कोर्ट ने अभियुक्तो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।आदेश के क्रम में खुटहन पुलिस अनमोल विश्वकर्मा,राम स्वारथ विश्वकर्मा,गौतम विश्कर्मा,निवासीगण भिवरहांकला,शक्ति सिंह,राजेश सिंह निवासी फतेगढ़ व पूर्व प्रभारी निरीक्षक खुटहन विजेंद्र सिंह यादव सहित तीन महिला पुलिस कर्मियों के खिलाफ अपराध संख्या 330/21 धारा 147,323,504,506,354ख, 3(2)(v)एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इतना ही नहीं पीड़िता का आरोप है कि विपक्षियों से नाजायज लाभ लेकर हम प्रार्थिनी के ऊपर मु0अ0 सं0 264 /21 धारा 147 ,323, 504 ,506, 427, 336 ,7 सीएलए एक्ट फर्जी पंजीकृत कर हम लोगों को जेल भी भेजा गया हम अनुसूचित जाति की महिलाओं के ऊपर अत्यधिक जुल्म ढाया गया। ण्डेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेर्ट





