वाराणसी में गंगा किनारे शुक्रवार को मिले युवक की शिनाख्त शहावाबाद निवासी बर्तन कारोबारी नागेंद्र कुमार जैन उर्फ दीपू के रूप में हुई। दो जनवरी को घर से लापता कारोबारी के परिजनों ने रोहनिया थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वहीं कारोबारी के सूटकेस से दो पेज का सुसाइड नोट भी बरामद किया गया, जिसमें छह लोगों से 12 लाख से अधिक कर्ज लेने का ब्यौरा दर्ज है।
- पुलिस के मुताबिक कर्ज में डूबे होने के कारण युवक ने यह कदम उठाया। रोहनिया थाना अंतर्गत शहावाबाद स्थित जैन मंदिर निवासी अजीत जैन का छोटा बेटा नागेंद्र कुमार जैन (30) कपड़े, मोबाइल और बर्तन की दुकान चलाता था। नागेंद्र उर्फ दीपू के चाचा गणेश के अनुसार दो जनवरी को दीपू घर से निकला लेकिन रात तक नहीं लौटा। मोबाइल भी उसका बंद था।हफ्ते भर से था लापता, अटैची में मिला सुसाइड नोट
काफी खोजबीन के बाद पता नहीं चला तो चार जनवरी को रोहनिया थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पांच जनवरी को उसके अटैची से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने कर्ज लेने वालों के नाम और धनराशि का जिक्र किया था। लगभग साढ़े 12 लाख रुपये कर्ज की बात सुसाइड नोट में लिखा था।इसी बीच केदारघाट पर शुक्रवार को मिले अज्ञात शव के बारे में रोहनिया थाने से मालूम चला तो पोस्टमार्टम हाउस में शव की शिनाख्त करने पहुंचा। परिजनों के अनुसार छह माह पूर्व महमूरगंज स्थित कार शोरूम में वह मोटर मैकेनिक का काम करता था। लॉकडाउन में काम छोड़ने के बाद वह इतने पैसे इन लोगों से कैसे उधार लिया, यह भी जांच का विषय है।परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
आशंका है कि ऑनलाइन जुआ और आईपीएल सट्टेबाजी में पड़कर वह मानसिक दबाव में आ गया। परिजनों ने पुलिस से मांग किया कि उसके मोबाइल सीडीआर की जांच कराई जाए। साजिश के तहत दीपू जैन को मारा गया। भेलूपुर एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नीरज गुप्ता की रिपोर्ट





