कोरोना को लेकर वाराणसी में बढ़ी पांबदियां: सार्वजनिक स्थलों और गंगा घाटों पर शाम 4 बजे के बाद रोक, जानें क्या बंद और क्या खुला रहेगाजैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, वैसे-वैसे वाराणसी में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ता जा रहा है। ताजा स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। स्पा, जिम, पर्यटक स्थल और म्यूजियम बंद करने के आदेश हैं। जानें वाराणसी में क्या-क्या बंद रहेगा और क्या खुला रहेगा।
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कोरोना के मामलों के बढ़ने के साथ-साथ वाराणसी में पांबदियां भी बढ़ने लगी हैं। जिले के सार्वजनिक स्थलों और गंगा घाटों पर शाम 4 बजे के बाद जाने और बैठने पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही कक्षा 10 तक के बच्चों और 60 साल से अधिक आयु के लोगों को आपात स्थिति के बिना बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश आगामी 20 जनवरी तक प्रभावी रहेगा।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। इसके तहत रात्रिकालीन कर्फ्यू रात्रि 10.00 बजे से सुबह छह बजे तक लागू रहेगा। कक्षा 10 तक के समस्त सरकारी और गैर सरकारी विद्यालय 16 जनवरी तक बंद रहेंगे। विद्यालयों को ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन की स्वतंत्रता रहेगी।धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने के लिए समयसारिणी बनाने का निर्देश दिया गया है जिससे कि भीड़ ना लगे। सार्वजनिक पार्क, गंगा व वरूणा नदी के घाट, मैदान, स्टेडियम धरना स्थल में शाम चार बजे के बाद जन-सामान्य का आवागमन प्रतिबंधित किया जाता है। उक्त अवधि के उपरांत केवल नाव में यात्रा करने वाले पर्यटकों को नाव में आने-जाने की अनुमति होगी। लेकिन इनका घाट पर रूकना या बैठना प्रतिबंधित होगा।
मनोरंजन के साधनों को भी बंद करने के
गंगा नदी के उस पार रेत में पर्यटकों तथा जन-सामान्य का एकत्रित होना प्रतिबंधित किया जाता है। सभी प्रकार के मनोरंजन के साधनों को भी बंद करने के आदेश दिये जाते हैं। रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर लाइन लगाकर आगमन व प्रस्थान सुनिश्चित कराया जाए। बैठने के स्थान पर सामाजिक दूरी का पालन कराया जाए।
केंद्र एवं राज्य सरकार के अधीनस्थ सभी कार्यालयों, बैंक व बीमा कार्यालय में केवल उन्हीं व्यक्तियों का जाना अनुमन्य होगा, जिन्हें अत्यन्त आवश्यक कार्य होगा। सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक व्यक्ति एक साथ एक जगह इकट्ठा नहीं होंगे।
जिले भर के सभी स्पा, जिम, वाटर पार्क, पर्यटन स्थल, आर्कियोलॉजिकल स्थल, म्यूजियम, स्वीमिंग पुल को बंद करने का आदेश जिलाधिकारी ने दिया है। ऑटो और ई-रिक्शा में चार सवारियों से ज्यादा सवारी नहीं बैठाया जाएगा। इसका सख्ती से पालन थाना स्तर से एवं यातायात पुलिस के द्वारा कराया जाएगा।
आधी क्षमता से चलेंगे सिनेमा हॉल और रेस्टोरेंट
सिनेमा हॉल, रेस्टोरेन्ट और होटल में किसी भी दशा में 50 प्रतिशत क्षमता से ज्यादा लोग नहीं रहेंगे। इनमें भी कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कर स्क्रीनिंग की व्यवस्था एवं मास्क जरूरी होगा। इन सभी स्थानों की आकस्मिक चेकिंग कराई जाएगी।
बिना मास्क के नहीं मिलेगा ग्राहकों को सामान
जिले के सभी दुकानों पर दुकानदार, कर्मचारी और ग्राहकों को मास्क पहनना जरूरी है। बिना मास्क पहने ग्राहकों को किसी भी दशा में दुकानदार कोई सामग्री नहीं बेचेंगे। आदेश जारी होने के एक सप्ताह तक जन सामान्य को मास्क का प्रयोग करना कड़ाई से लागू किया जायेगा तथा एक सप्ताह के उपरांत यदि लोगों द्वारा मास्क नहीं पहना जाता है, तो उसके बाद जुर्माना लगाया जाएगा।
मास्क नहीं पहने तो बंद होगी दुकान, वाहन चालक और सवारियों पर भी सख्ती
जिलाधिकारी ने बताया कि एक सप्ताह की समीक्षा के बाद बाजार में दुकानों पर बिना मास्क के ग्राहक मिलेंगे तो ऐसी दुकानों को बंद करने पर विचार किया जाएगा। साथ ही जिन वाहनों में चालक एवं सवारियों द्वारा मास्क नहीं लगाया जायेगा, उन पर भी प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जाएगा।
जिले में सभी कर्मचारियों एवं सरकारी कर्मचारियों का मास्क पहनना अनिवार्य है। किसी भी कर्मचारी को मास्क नहीं पहनने की दशा में उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की जाएगी साथ ही एक से अधिक बार गलती करने की दशा में उनका उस दिन का वेतन रोके जाने की कार्यवाही भी की जाएगी।
दुकानों के बाहर बनाए जाएंगे दो गज दूरी के गोले
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए दुकानों के बाद दो गज की दूरी रखते हुए गोले बनाकर चिन्हांकन किया जाये, ताकि दुकानों पर उपस्थित व्यक्तियों में उचित दूरी बनी रहे।
शादी समारोह में 100 लोगों की अनुमति
शादी समारोह व आयोजनों में बंद स्थानों पर हाल की क्षमता का 50 फीसदी अथवा 100 लोगों को अनुमति होगी। कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। खुले स्थानों पर एक समय में मैदान की क्षमता का 50 प्रतिशत शामिल हो सकते हैं।
कोविड हेल्प डेस्क नहीं तो होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि 10 जनवरी की शाम तक हर जगह कोविड हेल्प डेस्क स्थापित किया जाए। 11 जनवरी के बाद जिस भी कार्यालय में कोविड हेल्प डेस्क नहीं रहेगा उनके मालिक पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक स्थानों पर भी कोविड हेल्ड डेस्क नहीं होने पर संबंधित का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा द्वारा कोविड-19 की जांच के लिए फीस निर्धारित की गई है। इसका उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।