Friday, August 29, 2025

परिवहन विभाग का नया कारनामा , अब क्षेत्रों में जाकर कर किया जा रहा वाहनों का फिटनेस

परिवहन विभाग का नया कारनामा , अब क्षेत्रों में जाकर कर किया जा रहा वाहनों का फिटनेस

किस आदेश के अनुपालन में आर आई द्वारा घूम घूम कर क्षेत्रों में किया जा रहा फिटनेस

फिटनेस से किसका हो रहा फायदा

रावर्ट्सगंज (सोनभद्र)

परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार किसी से छुपा नहीं है। यहां बिना पैसे का कोई भी कार्य होता ही नहीं। सरकार लाख प्रयास करें कार्य जनता का निष्पक्षता तरीके से हो, लेकिन यह विभाग अपने कारनामा से हमेशा सुर्खियों में रहा है। भ्रष्टाचार को लेकर 1 माह पूर्व up 18 live news ने विभाग के करतूतों को प्रमुखता से स्थान दिया था। सोनभद्र परिवहन विभाग में बिना गए लाइसेंस बन जाता है। यहां आपको बताना आवश्यक है कि इस विभाग में नौ की लकड़ी 90 खर्च कीजिए असंभव कार्य भी संभव है। इस विभाग में एक सिस्टम चलता है। सिस्टम के तहत कार्य कराना बहुत आसान है। यहां सदैव दलालों का बोलबाला रहता है। विभाग के दलालों का कहना है सरकार और डाल-डाल चलें तो यह विभाग पात- पात चलने को तैयार है।

अब परिवहन विभाग का एक और मामला इन दिनों खासे चर्चा में है । परिवहन विभाग में तैनात आरआई प्रति शुक्रवार को गड़ियों का फिटनेस चेक करने के लिए सोनभद्र के क्षेत्रों में घूम घूम कर फिटनेस चेक करते देखे जा रहे हैं। पिछले शुक्रवार को भी आरआई को बीना पहुंचना था, जिसके लिए सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियां तय स्थान पर पहुंचकर इंतजार कर रही थी । काफी देर बादआरआई दोपहर में बीना पहुंचे, और फिटनेस चेक करने का काम शुरू किया। बताया जा रहा हैं कि पहले तो आरआई ने बड़ी गाड़ियों का ही फिटनेस चेक करना शुरू किया, लेकिन कुछ लोगों द्वारा फ़ोटो खींचे जाने की जानकारी जैसे ही आरआई को हुई वे छोटी छोटी गाड़ियों का भी फिटनेस चेक करने लगे ।

बताया जा रहा है कि जैसे ही फोटो खींचने वाले लोग वहां से हटे महज 30 मिनट के भीतर ही वहां खड़ी सभी गाड़ियों को निपटा दिया गया।और देखते ही देखते वहां मौजूद सैकड़ों की संख्या में खड़ी गाड़ियों की कतारें खत्म हो गयी। क्षेत्र में इसी बात को लेकर चर्चा हो रही है।लोग पूछ भी रहे हैं कि एक फिटनेस करने में कम से कम कितना समय लगता है ? क्यों कि इतने कम समय में आखिर इतनी गाड़ियों का निस्तारण कैसे किया गया ?

ऐसे में सवाल उठ खड़ा होता है कि आरआई को फिटनेस के लिए उर्जान्चल जाने का आदेश किसने दिया ? और फिर आफिस के सारे काम छोड़कर आरआई के उर्जान्चल आने से किसे फायदा हो रहा है । इतना ही नहीं आने-जाने में होने वाले खर्च को कौन बहन करता है?

चर्चा यह भी है कि यदि उर्जान्चल से यह सभी गाड़ियां परिवहन कार्यालय जाती हैं तो प्रति गाड़ी काफी खर्च गिरता है, और काम होने की गारंटी भी नहीं रहेती। लेकिन यदि यहां आकर आरआई फिटनेस करते हैं तो न सिर्फ मोटर मालिकों का पैसा बचेगा बल्कि काम की गारंटी भी रहेगी समय भी बचेगा। बताया जाता है कि शुक्रवार का इंतजार न सिर्फ उर्जान्चल मोटर मालिकों को रहता है बल्कि आरआई को भी यहां आने की चिंता सताती है। इस कार्य से मोटर मालिक काफी प्रसन्न नजर आ रहे हैं। लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि योगी बाबा डर विभाग को सताने लगा है।

Up18 NEWS report by Anand Prakash Tiwari

escort bayan sakarya escort bayan eskişehir