बीजपुर थाने के सामने से भार बाहनों से ढोये जा रहे हैैं श्रमिक, थाना क्यों है मुक दर्शक ?
सोनभद्र(विनोद मिश्रा)
बीजपुर थाना क्षेत्र के बिभिन्न ग्रामीण इलाके से भार बाहनो पर भूसे की तरह श्रमिकों को भर भर कर सुबह – शाम ढोने का कार्य रफ्तार पकड़ता जा रहा है। परियोजना में कार्यरत ठेकेदार और कम्पनियाँ गाँवों से मजदूरों को भार बाहनों में पिकप और मैजिक में भर भर कर लाते व ले जाते हैं। जिससे राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, यह सारा खेल पुलिस की मिली भगत के बिना संभव नहीं है। पिछले कई वर्षों से अनवरत चला आ रहा है। जब कि शासन इन करतूतों के सख्त विरोध है। फिर भी बर्तमान समय मे प्लांट में काम बढ़ने और गाँवों में शादी विवाह व तेंदू पत्तो में ब्यस्त श्रमिकों की कमी के कारण सुबह लाने और शाम को घर पहुचाने का काम इन भार वाहनों से लिया जा रहा है। मजेदार बात तो यह है कि सुबह शाम वाहन चेकिंग के नाम पर गरीबों का शोषण और कानूनो का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस थानों के सामने यह खेल निरंतर जारी है। सूत्रों पर भरोसा करें तो माल ढोने वाले ऐसे वाहनों के कागजात और इंश्योरेंस सब फेल तो है ही साथ में ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं होते। इन सभी के अभाव में दुर्घटना की स्थित में हाय हाय कर आँसू बहाने के अलावा पीड़ित परिवार को फूटी कौड़ी तक नसीब नही होता। फिर भी पापी पेट की खातिर मजदूर जान जोखिम में डाल कर रोटी कमाने के लिए भेड़ बकरी की तरह 20 से 30 किलोमीटर सफर तय कर परियोजना में काम करने प्रति दिन आते जाते है। इस बाबत सीओ दुद्धि आशीष मिश्रा से जानकारी लेने के लिए फोन किया गया लेकिन उनका फोन नही उठा जिससे उनका पक्ष नही मिल पाया। हालांकि पुलिस विभाग के लोग फोन उठाने से अधिकतर बचने की कोशिश करते हैं।