कला ऋषि थे बाबा योगेंद्र- सतीश जिन्दल
चन्दौली ब्यूरो/ डीडीयू नगर,संस्कार भारतीय जनपद इकाई की एक आवश्यक बैठक इकाई के कैम्प कार्यालय श्री श्याम वाटिका, रविनगर, दीनदयाल नगर के सभा कक्ष में सम्पन्न हुई जिसमें वर्तमान में गतिमान ग्रीष्मकालीन कार्यशाला के समापन समारोह के बारे में विचार विमर्श हुआ। साथ पिछले दिनों दिवंगत हुए संस्कार भारती के संस्थापक बाबा योगेंद्र जी को उपस्थित सभी पदाधिकारियों व सदस्यों ने अपना श्रद्धांजलि भी दिये। बाबा योगेंद्र के तैल चित्र पर पुष्पांजलि दे कर सभी लोगों ने बाबा के प्रति अपनी भावांजलि अर्पित किये। इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए इकाई के जिलाध्यक्ष सतीश कुमार जिन्दल ने कहा कि बाबा वास्तव में कला के ऋषि थे। 98 वर्ष की उम्र होते हुए भी जिस स्फूर्ति व जिंदादिली से पूरे देश का भ्रमण करते हुए समाज मे संस्कार को विकसित करने के लिए कलाकारों को प्रात्साहित करते रहे हम सबके लिए अनुकरणीय है। मेरा सौभाग्य रहा कि बाबा का पदार्पण मेरे घर भी हुआ और मुझे उनका सानिध्य प्राप्त हुआ। उनकी सादगी व लोगों के नाम याद रखने का कौशल हमे उनकी राह पर चलने को प्रेरित करता है। इस कड़ी में संजय राय व सुधीर पांडेय ने भी अपने विचार रखे। सभा मे मुख्य रूप से ओ पी जिन्दल, आनंद तोदी, आशाराम, सत्यप्रकाश, सुनील केशरी, सुधीर भास्करराव पांडे, अनीता कुशवाहा, डॉ मनोज सिंह, मारुति नंदन, रवि प्रसाद, शरद चंद्र, सुधीर पांडेय, संजय राय उपस्थित रहे। अध्यक्षता सतीश कुमार जिन्दल व संचालन सुरेश अकेला ने किया।