सावन सोमवार को शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भगवान शिव जल्दी होते हैं प्रसन्न_रीना सिंह
_सावन माह जीवन में सुख समृद्धि और सुखी पारिवारिक जीवन के लिए अत्यंत शुभ माना गया है_
मनोज नौडियल
।जन संघ सेवक मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष आयरन लेडी भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री श्रीमती रीना सिंह ने आज सावन माह के दूसरे सोमवार पर सभी शिव भक्तों को शुभकामना व्यक्त करते हुए कहा कि सावन माह में पड़ने वाले सोमवार को शिव लिंग पर जलाभिषेक करने से भगवान भोलेनाथ अत्यंत जल्दी प्रसन्न होते हैं,साथ ही उन्होंने कहा की सुखी पारिवारिक जीवन और सुख समृद्धि की दृष्टि से सावन माह अत्यंत शुभ माना गया है।आज सावन का दूसरा सोमवार है। सावन के दूसरे सोमवार पर बहुत ही अच्छा शुभ संयोग बन हुआ है। आज सावन सोमवार के साथ प्रदोष व्रत भी है। सावन सोमवार के दिन प्रदोष व्रत होने से भगवान शिव की पूजा,उपासना और अभिषेक का महत्व काफी बढ़ गया है। सावन सोमवार के दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं।सावन का महीना जीवन में सुख,समृद्धि और सुखी पारिवारिक जीवन के लिए बहुत ही शुभ माना गया है। ज्योतिष के अनुसार, पति-पत्नी के बीच मिठास और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए शिव जी और मां पार्वती का पंचामृत से अभिषेक करें। मान्यता है कि ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच का क्लेश कम होगा। सावन का महीना शिवभक्तों के लिए बहुत ही विशेष होता है। इस माह में भगवान शिव की आराधना करने पर सबसे ज्यादा शुभ फल की प्राप्ति होती है। सावन में रुद्राभिषेक करने पर सभी तरह के ग्रह दोष और कष्टों से मुक्ति मिलती है। सावन का हर दिन विशेष कर सावन सोमवार, प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि शुभ और कल्याणकारी होता है। मान्यता है कि सावन में अलग-अलग मनोकामनाओं की पूर्ति के उपाय किए जाते हैं।सावन महीने के दूसरे सोमवार के दिन विधि विधान के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-उपासना करने पर सभी तरह के ग्रह दोष और कष्टों से मुक्ति मिलती है और साथ में सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक और शिवलिंग का श्रृंगार किया जाता है। सावन सोमवार के दिन कुछ उपाय बहुत ही उपयोगी होते हैं।
जीवन में सुखी और धन वृद्धि के लिए सावन सोमवार के पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें।नौकरी और कारोबार में लाभ के लिए सोमवार के दिन भोलेनाथ को केसर मिश्रित खीर का भोग लगाएं।आरोग्यता के लिए सावन सोमवार के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। जीवन में सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति के लिए भोलेनाथ को भांग, धतूरा और बेलपत्र अर्पित करना बेहद शुभ माना गया है।
सावन के महीने में भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों की मनोकामनाओं का पूरी करते हैं। भगवान भोलभंडारी को मात्र एक लोटा जल चढ़ाने से प्रसन्न किया जा सकता है। शास्त्र के अनुसार सावन में शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, चंदन,अक्षत,शमीपत्र आदि अनेक शुभ वस्तुएं चढ़ाने से शंकर भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं।आज सावन के दूसरे सोमवार के दिन बहुत ही अच्छा शुभ योग बना है। आज सावन सोमवार के साथ प्रदोष व्रत भी है और कल यानी 26 जुलाई को सावन मासिक शिवरात्रि का त्योहार भी है। हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है और खासतौर पर सावन महीने की शिवरात्रि का तो और भी। सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव का अभिषेक करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं।
आज ओम नम:शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का करें जाप।।
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना करने के लिए सबसे शुभ और कल्याणकारी महीना माना गया है। इस पूरे माह में शिव की उपासना और मंत्रोचार करने से जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। सावन के महीने में ओम नम:शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के बहुत से फायदे होते हैं।
महामृत्युंजय मंत्र
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”
महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव की स्तुति, साधना, जप ,तप और उन्हें प्रसन्न करने के अलावा गंभीर बीमारियों से निजात पाने, अकाल मृत्यु के डर से मुक्ति पाने में बहुत ही कारगर मंत्र माना जाता है। बीमारी, दुर्घटना, मांगलिक दोष, कालसर्प दोष, भूत-प्रेत दोष, अनिष्ट ग्रहों के प्रभावों से दूर करने और आयु बढ़ाने के लिए महामृत्युंजय मंत्र जप करने का विधान है। हिंदू धर्म में वर्णित सभी मंत्रों में इस मंत्र का विशेष स्थान होता है। ऐसी मान्यता है इस मंत्र के जाप करने से व्यक्ति मृत्यु के करीब पहुंचकर भी मृत्यु पर विजय प्राप्त कर सकता है। महामृत्युंजय मंत्र में खासतौर पर भगवान शिव की स्तुति की जाती है। महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव को प्रसन्न करने वाला विशेष मंत्र है। ये मंत्र ऋग्वेद और यजुर्वेद में भगवान शिव की स्तुति में लिखा है। शास्त्रों के अनुसार इस दिव्य मंत्र को सबसे पहले ऋषि मार्कंडेय ने जाप किया था।
सावन सोमवार के दिन जल्दी उठे और स्नान करने के बाद साफ सुथरे वस्त्र पहनकर पूजा का संकल्प लें। इसके बाद घर के पास स्थित शिवमंदिर जाकर भगवान गणेश की आराधना करें और शिवलिंग पर जल से अभिषेक करें। अभिषेक के दौरान शिवलिंग पर बिल्व पत्र, मदार, धतूरा और फल अर्पित करें। इसके बाद मंत्र और आरती का पाठ करें।