अंतिम सोमवार को होगा पृथ्वीश्वर महादेव का श्रृंगार :
वाराणसी। हर वर्ष की भाती इस वर्ष भी पृथ्वीश्वर महादेव का श्रृंगार बड़े धूमधाम से मनाया जायेगा। पृथ्वीश्वर महादेव श्रृंगार सेवा समिति के संयोजक मनीष चौबे ने बताया कि हर वर्ष श्रवण माह में अंतिम सोमवार को भव्य हरियाली हिम व रूद्राक्ष किया जाता है।
⚡कण-कण शंकर की नगरी काशी अद्भुत है। शिवमय काशी का स्वरूप शिव की तरह ही है। मोक्ष देने वाला दुख, हरने वाला, शांति देने वाला और सुख बरसाने वाला। पंचक्रोशी मार्ग पर शिव के मंदिरों का अपना अलग ही महत्व है। काशी में भगवान शिव के बड़े भाई पृथ्वीश्वर महादेव विराजते हैं। बाबा पृथ्वीश्वर महादेव जी का मंदिर सुधाकर रोड खजूरी में स्थित है।
⚡मंदिर के पुजारी माता प्रसाद मिश्र का कहना है कि पृथ्वीश्वर महादेव की स्थापना हजारों वर्ष पूर्व भगवान राम के पूर्वज राजा पृथु ने की थी। भगवान भोलेनाथ ने जब पंचकोशी यात्रा शुरू की थी तो बाबा पृथ्वीश्वर महादेव का दर्शन कर उन्हें अपना बड़ा भाई माना था। इसका वर्णन काशी खंड में धर्म सम्राट स्वामी करपात्री महाराज द्वारा किया गया है। यह मंदिर पंचक्रोशी मार्ग में स्थित है। मंदिर में पृथ्वीश्वर महादेव का शिवलिंग विराजित है। इसके अलावा राम जानकी का मंदिर, हनुमान जी, मां विंध्यवासिनी, मां काली, मां शीतला के विग्रह भी मौजूद है।